मुरैना एसी धर्मराज मीणा ने शानदार पुलिसिंग की पेश की मिसाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
मुरैना

शानदार पुलिसिंग की मिसाल...एंबुलेंस का इंतजार नहीं, मुरैना SP ने अपनी गाड़ी से घायल को पहुंचाया अस्पताल

Morena SP Helps Injured Man: मुरैना एसपी धर्मराज मीणा की मिसाल, निरीक्षण के दौरान सड़क हादसे में गंभीर घायल बाइक सवार को देखा, तो बिना एंबुलेंस का इंतजार किए अपने शासकीय वाहन से पहुंचाया जिला अस्पताल।

योगेश पाराशर, सजल रघुवंशी

Morena SP Humanitarian Act: मुरैना में पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्काल मदद पहुंचाई। दरअसल, एसपी जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था का जायजा लेने के लिए भ्रमण पर थे।

इसी दौरान स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के मुड़ियाखेड़ा इलाके में उन्हें ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर का हादसा दिखाई दिया। दुर्घटना में बाइक सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़ा था। जैसे ही एसपी की नजर घायल पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंच गए।

एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया, खुद पहुंचाया अस्पताल

घायल की हालत गंभीर देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने एंबुलेंस का इंतजार करना उचित नहीं समझा। उन्होंने तत्काल अपने अंगरक्षक और वाहन चालक की मदद से घायल व्यक्ति को सड़क से उठाया और अपने शासकीय वाहन में बैठाकर जिला अस्पताल मुरैना पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण घायल को तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। मौके पर मौजूद लोगों ने भी एसपी की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। आमतौर पर ऐसे मामलों में एंबुलेंस आने में समय लग सकता है, लेकिन एसपी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल निर्णय लिया।

अस्पताल पहुंचकर भी लेते रहे इलाज की जानकारी

जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हुई। उन्होंने चिकित्सकों से घायल की स्थिति की जानकारी ली और उसके उपचार को लेकर आवश्यक निर्देश भी प्राप्त किए। एसपी ने यह सुनिश्चित किया कि घायल को समय पर और बेहतर इलाज मिले। अस्पताल में मौजूद लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी इस पहल को सराहा। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पुलिस की मानवीय छवि का दिया संदेश

एसपी धर्मराज मीणा की इस पहल ने पुलिस की मानवीय भूमिका को भी उजागर किया है। उन्होंने यह संदेश दिया कि पुलिस का दायित्व केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना और संकट की घड़ी में आमजन की जान बचाना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उनकी इस संवेदनशीलता और तत्परता की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करती है तथा समाज में सकारात्मक संदेश देती है।

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