Morena Shriram Hospital Woman Death : मुरैना के श्रीराम अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन कराने के छह दिन बाद 60 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर किया, लेकिन ग्वालियर पहुंचने से पहले ही अस्पताल के गेट पर महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर वापस मुरैना पहुंचे और अस्पताल परिसर में हंगामा किया।
मामला नेहरू पार्क के पास स्थित श्रीराम अस्पताल का है। सिंगल बस्ती निवासी 60 वर्षीय राधाबाई पत्नी मूलचंद को पेट में दर्द की शिकायत थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान उनकी पित्त की थैली में पथरी सामने आई, जिसके बाद डॉक्टर अनुप गुप्ता ने 12 सितंबर को उनका ऑपरेशन किया था।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद राधाबाई को ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती रखकर इलाज किया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को अचानक महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर जिला रेफर कर दिया।
परिजन महिला को लेकर ग्वालियर के लिए रवाना हुए, लेकिन वहां अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस मुरैना के श्रीराम अस्पताल पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम श्रीराम अस्पताल पहुंची। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी। काफी देर की बातचीत के बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
फिलहाल महिला की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है।