Morena Robbery Case: मुरैना जिले के चिन्नौनी थाना क्षेत्र के कोरीपुरा-बर्रेड गांव में आधी रात कथित डकैती की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दो हथियारबंद नकाबपोश बदमाश घर में घुसकर आठ वर्षीय बच्चे पर बंदूक तानकर करीब 15 लाख रुपये की नगदी और जेवरात लूट ले गए। हालांकि पुलिस फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मान रही है और हर पहलू से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब एक बजे की है। गांव निवासी दिलीप रजक की पत्नी मनीषा अपने दो बच्चों के साथ घर के अंदर सो रही थी, जबकि उसका पति ड्यूटी पर गया हुआ था। मनीषा का आरोप है कि देर रात दो नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए। एक बदमाश ने उसका मुंह दबा दिया, जबकि दूसरे ने उसके आठ वर्षीय बेटे विवेक पर बंदूक तान दी और जान से मारने की धमकी देकर घर में रखी नकदी और जेवर मांगने लगे।
महिला के अनुसार बेटे की जान बचाने के लिए उसने करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बदमाशों को सौंप दिए। आरोप है कि बदमाशों ने अलमारी और बक्सों की भी तलाशी ली और डकैती की वारदात के बाद फरार हो गए। सुबह परिजन घर पहुंचे तो महिला बेसुध अवस्था में मिली और घर का सामान बिखरा पड़ा था। एक बक्सा घर की छत पर भी मिला। परिवार का दावा है कि नकदी खेत खरीदने के लिए रखी गई थी और यह रकम महिला के जेठ, जो सीआरपीएफ में पदस्थ हैं, के लिए रखी गई थी।
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इधर मुरैना पुलिस इस मामले को लेकर कई सवाल उठा रही है। जांच में सामने आया है कि जिस घर में कथित वारदात हुई, उसके बाहर सात लोग सो रहे थे, लेकिन किसी को कोई आहट तक नहीं हुई। इसके अलावा नकदी की रकम को लेकर भी परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। इन्हीं कारणों से पुलिस घटना को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य और जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह वास्तव में डकैती है या इसके पीछे कोई और कारण है।