Morena Greenfield Expressway Silver Coins: मुरैना में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए बिछाई गई मिट्टी अचानक चर्चा का विषय बन गई। माता बसैया थाना क्षेत्र के डोंगरपुर लोधा गांव में मिट्टी से पुराने चांदी के सिक्के मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंच गए। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग हाथों में खुरपी, हंसिया, लकड़ी और सरिया लेकर मिट्टी खोदने लगे। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक 12 से 15 चांदी के सिक्के मिल चुके हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को खुदाई करने से रोक दिया।
बताया जा रहा है कि करीब तीन दिन पहले गांव का एक युवक निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी नजर मिट्टी में दबे एक पुराने सिक्के पर पड़ी। युवक सिक्का उठाकर अपने घर ले गया। बाद में उसे शक हुआ कि जिस जगह उसे सिक्का मिला है, वहां और भी सिक्के हो सकते हैं। अगले दिन वह अपने कुछ दोस्तों के साथ उसी स्थान पर पहुंचा और मिट्टी कुरेदना शुरू कर दिया। दावा है कि इस दौरान तीन-चार और सिक्के मिले।
दो दिन तक कुछ युवक कथित तौर पर चोरी-छिपे खुदाई करते रहे। मंगलवार सुबह जैसे ही गांव में यह खबर फैली कि एक्सप्रेस-वे के लिए डाली गई मिट्टी में चांदी के सिक्के निकल रहे हैं, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते निर्माण स्थल पर भीड़ जमा हो गई। कोई खुरपी तो कोई हंसिया लेकर मिट्टी खोदने लगा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सिक्कों की तलाश करते नजर आए।
ग्रामीणों का कहना है कि अब तक करीब 12 से 15 चांदी के सिक्के मिल चुके हैं। कुछ लोगों ने सिक्के मिलने की बात सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए इनकी संख्या अधिक होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से सिक्कों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें एक युवक को मिट्टी खोदते समय सिक्का मिलने का दावा करते देखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेस-वे निर्माण में इस्तेमाल की जा रही बैकहो लोडर मशीनों से खुदाई के दौरान भी सिक्के मिले थे। ग्रामीणों का दावा है कि मशीन चालक कथित तौर पर सिक्के लेकर वहां से चले गए। हालांकि, इस दावे की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
माता बसैया थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे मामले की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो कई ग्रामीण निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे की मिट्टी खोद रहे थे और चांदी के सिक्के मिलने की बात कह रहे थे। पुलिस ने लोगों को मौके से हटाया, लेकिन टीम के लौटने के बाद कुछ लोगों के दोबारा खुदाई करने की जानकारी भी सामने आई।
थाना प्रभारी के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि एक्सप्रेस-वे के लिए डाली गई मिट्टी स्थानीय नहीं है। इसे किसी दूसरी जगह से खोदकर निर्माण स्थल पर लाया गया है। ऐसे में सिक्के कहां से आए और वे कितने पुराने हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने सिक्के मिलने की स्थिति में उन्हें जब्त कर पुरातत्व विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल गांव में सिक्कों को लेकर कौतूहल बना हुआ है और इनके रहस्य से पर्दा पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही उठ सकेगा।