Mauganj Tribal Woman Harassment Case: मऊगंज जिले में एक आदिवासी युवती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने सनसनी फैला दी है। युवती ने एक युवक पर धर्म और पहचान छुपाकर प्रेम संबंध बनाने, शादी का झांसा देकर वर्षों तक शारीरिक शोषण करने, अपहरण कर बंधक बनाने और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
हनुमना थाना क्षेत्र की रहने वाली 26 वर्षीय युवती का आरोप है कि उसकी मुलाकात पतुलखी निवासी मो. सैफ अली से हुई थी, जो एक निजी क्लीनिक में कार्यरत था। युवती का कहना है कि आरोपी ने अपनी पहचान छुपाकर उससे संबंध बनाए और शादी का भरोसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के अनुसार, जब उसने विवाह के लिए दबाव बनाया तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया।
युवती का दावा है कि साल 2024 में उसने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद आरोपी जेल गया था। आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने दोबारा संपर्क किया और कोर्ट मैरिज का झांसा देकर उसे अपने साथ ले गया। पीड़िता का आरोप है कि नईगढ़ी और रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र स्थित बरहट गांव ले जाकर उससे कोर्ट मैरिज के नाम पर 50 हजार रुपये भी लिए गए।
युवती का आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी और उसके परिजनों ने उसे एक कमरे में बंधक बना लिया। वहां उसके साथ मारपीट की गई, गला दबाने की कोशिश की गई और पत्थर से हमला कर जान लेने का प्रयास किया गया। किसी तरह जान बचाकर निकली युवती ने पुलिस से मदद मांगी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह गढ़ थाना पहुंची तो उसकी शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उसका कहना है कि पुलिस ने केवल सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए और उचित कार्रवाई नहीं की। इन आरोपों के बाद पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए युवती ने मऊगंज पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट और हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है।
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मऊगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत मिली है। मामले की जांच के निर्देश संबंधित थाना प्रभारी को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वर्तमान आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है।