

Ayodhya Bypass Widening Project Bhopal: राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ते शहरीकरण और ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण को हरी झंडी मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप, इस परियोजना को 'पर्यावरणीय संवेदनशीलता और दीर्घकालिक सतत विकास' के मॉडल पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश में आर्थिक प्रगति के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
इसी सिलसिले में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और इसे तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में अयोध्या बायपास की डिजाइन क्षमता लगभग 40 हजार वाहन प्रतिदिन की है, जबकि इस मार्ग पर हर दिन करीब 45 हजार वाहनों का आवागमन हो रहा है। भोपाल के तेजी से विकसित हो रहे नए आवासीय क्षेत्रों के कारण यहाँ यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए इस बायपास का चौड़ीकरण बेहद जरूरी हो गया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बायपास चौड़ीकरण के दौरान भोपाल की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए NHAI और भोपाल नगर निगम मिलकर काम कर रहे हैं। पाइपलाइन शिफ्टिंग के जितने भी तकनीकी कार्य हैं, वे चरणबद्ध तरीके से भोपाल नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों की निगरानी में किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विश्वास जताया है कि अयोध्या बायपास परियोजना प्रदेश में सतत एवं समावेशी विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा पर्यावरण सुनिश्चित करेगी।