Mandla Constable Sunil Saryam Suicide Case: मंडला जिले में पुलिसकर्मी आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले आरक्षक सुनील सरयाम (40 वर्षीय) की मौत के मामले में पुलिस ने दो महिला संविदा स्टाफ नर्स और एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि मृतक पुलिसकर्मी लंबे समय से ब्लैकमेलिंग का शिकार था और लगातार हो रही प्रताड़ना के कारण उसने यह आत्मघाती कदम 8 जून को उठाया।
मंडला पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक आरक्षक सुनील सरयाम द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कुछ लोगों द्वारा उसे आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किए जाने का उल्लेख किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने पहले दोस्ती का जाल बिछाया और बाद में निजी तस्वीरों एवं वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे लगातार पैसों की मांग की।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कोविड काल के दौरान मृतक का संपर्क आरोपियों से हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री का सहारा लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। समय के साथ पैसों की मांग बढ़ती गई और लगातार हो रहे दबाव से आरक्षक तनाव में रहने लगा।
जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दो महिला संविदा स्टाफ नर्सों तथा उनके एक भाई को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन सहित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया गया है।
यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं बल्कि ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के उस खतरनाक चेहरे को उजागर करता है, जो किसी व्यक्ति को भीतर से तोड़ देता है। किसी की निजी जिंदगी, सम्मान और मजबूरी को हथियार बनाकर धन उगाही करना गंभीर अपराध है।
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पुलिस की इस कार्रवाई ने ऐसे अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और किसी को ब्लैकमेल कर उसका शोषण करने वालों को अंततः न्याय के कठघरे में खड़ा होना ही पड़ता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।