Mandla School Bag Pistol Case: मोबाइल, गैजेट्स और सोशल मीडिया के दौर में जहां जेन-जी अपनी अलग पहचान बना रही है, वहीं मंडला जिले के निवास से सामने आया एक मामला चिंता बढ़ाने वाला है। सांदीपनि विद्यालय में प्रतिबंधित सामग्री की जांच के दौरान कक्षा 12वीं के एक छात्र के बैग से छह राउंड वाली देशी पिस्तौल बरामद हुई।
हथियार मिलने की खबर से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। स्कूल प्रबंधन ने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद निवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हथियार को जब्त कर छात्र से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान छात्र ने पुलिस को बताया कि यह पिस्तौल उसे करीब चार महीने पहले रसलगंज निवासी 19 वर्षीय मोहित मरकाम ने दी थी। छात्र के मुताबिक पुरानी पिस्तौल में जंग लग गई थी। वह इसे रंग करवाने के उद्देश्य से अपने साथ स्कूल लेकर आया था। हालांकि स्कूल परिसर में हथियार लेकर पहुंचने की वजह ने सुरक्षा व्यवस्था और छात्र की मंशा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब छात्र के बयान की पुष्टि करने के साथ हथियार की पूरी पृष्ठभूमि खंगाल रही है।
छात्र के बयान के आधार पर पुलिस ने मोहित मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मोहित जबलपुर में कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि देशी पिस्तौल उसके पास कहां से आई और उसने यह हथियार छात्र को क्यों दिया। इसके साथ ही हथियार की खरीद-फरोख्त या सप्लाई से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है। निवास थाना प्रभारी धर्मेंद्र धुर्वे के मुताबिक मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और हथियार सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
यह घटना केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि युवाओं के बीच हथियारों की पहुंच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और आपराधिक गतिविधियों को ग्लैमराइज करने वाली सामग्री युवाओं को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में परिवार, स्कूल और समाज की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें कानून और हथियारों के खतरों के प्रति जागरूक किया जाए। सवाल यही है कि स्मार्टफोन और डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ रही जेन-जी तक हथियार जैसी खतरनाक चीजें आखिर कैसे पहुंच रही हैं।