मुरैना : नहाते समय युवती के फोटो-वीडियो बनाए, वायरल करने की धमकी देकर किया दुष्कर्म, मकान मालिक पर केस दर्जMangala Express Children Sick : निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जा रही 12618 मंगला एक्सप्रेस में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन में सफर कर रहे एक स्कूल के करीब 30 नाबालिग बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत होने लगी। सूचना मिलते ही खंडवा रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग और रेलवे के डॉक्टरों की टीम अलर्ट हो गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही बच्चों की जांच और उपचार शुरू किया गया। स्वास्थ्य जांच के चलते मंगला एक्सप्रेस को खंडवा स्टेशन पर करीब 50 मिनट तक रोकना पड़ा।
बताया गया कि सभी बच्चे स्कूल की ओर से दिल्ली यात्रा पर गए थे और वापस लौट रहे थे। यात्रा के दौरान बच्चों ने ट्रेन की पेंट्रीकार से भोजन किया था। इसके करीब चार घंटे बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। एक के बाद एक बच्चों को उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत होने से ट्रेन में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना पहले ही रेलवे और जिला प्रशासन को दे दी गई थी। इसके बाद खंडवा रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग और रेलवे के डॉक्टरों की टीम तैयार रही। ट्रेन पहुंचते ही बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक उपचार दिया गया। सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत के अनुसार बच्चों को उल्टी-दस्त की दवाइयों के साथ ओआरएस पैकेट भी उपलब्ध कराए गए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 30 बच्चों में से पांच की हालत गंभीर पाई गई। डॉक्टरों ने बच्चों की दो बार स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक दवाइयां देने के बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने भुसावल तक यात्रा के दौरान भी निगरानी की।
प्रारंभिक तौर पर बच्चों की तबीयत खराब होने के मामले में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि बच्चों ने यात्रा के दौरान क्या भोजन किया था और उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह क्या रही।
घटना की सूचना मिलने पर स्टेशन पर प्रशासनिक अमला भी पहुंच गया। एसडीएम ऋषि सिंघई, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह सहित जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। समय रहते बच्चों को चिकित्सा सहायता मिलने से स्थिति को संभाल लिया गया और ट्रेन को करीब 50 मिनट बाद आगे के लिए रवाना कर दिया गया।