Khandwa Dog Mask Jan Sunwai : खंडवा में जनसुनवाई के दौरान कुत्ते का मुखौटा पहनकर पहुंचे युवक का मामला दूसरे दिन भी चर्चा में बना हुआ है। युवक ने भौंकते हुए नगर निगम के स्वान बधियाकरण केंद्र में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। मामला भोपाल के अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की ओर से भी अपने-अपने पक्ष सामने रखे जा रहे हैं।
बुधवार को कलेक्टर रिशव गुप्ता ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि शिकायत करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि युवक की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर के इस बयान के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना बढ़ गई है।
वहीं, नगर निगम के एमआईसी सदस्य सोमनाथ काले, राजेश यादव सहित अन्य सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर की ओर से लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए। निगम सदस्यों का कहना है कि किसी भी तरह का आरोप लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति को सही आंकड़ों और तथ्यों की जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने पर भी आपत्ति जताई और निगम की कार्यप्रणाली का बचाव किया।
नगर निगम ने स्वान बधियाकरण केंद्र की पूरी प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। निगम के अनुसार यह केंद्र वर्ष 2022 से संचालित है और यहां शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत स्वानों का बधियाकरण एवं टीकाकरण किया जाता है। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में कराए जाने का दावा निगम ने किया है।
नगर निगम के मुताबिक केंद्र में अब तक किसी स्वान की मृत्यु नहीं हुई है। निगम का कहना है कि यहां पशु जन्म नियंत्रण नियम-2023 के प्रावधानों के तहत काम किया जा रहा है। बधियाकरण का कार्य निविदा प्रक्रिया के माध्यम से अधिकृत और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त संस्था को सौंपा जाता है।
निगम के अनुसार डॉग स्क्वाड शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से स्वानों को पकड़कर बधियाकरण केंद्र लाता है। ऑपरेशन से पहले स्वानों की स्वास्थ्य जांच और निगरानी की जाती है। इसके बाद विशेषज्ञ पशु चिकित्सक की मौजूदगी में बधियाकरण किया जाता है। ऑपरेशन के बाद स्वानों को करीब चार दिनों तक निगरानी में रखा जाता है और स्वास्थ्य ठीक होने पर उन्हें उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया जाता है। पहचान के लिए स्वान के कान पर पहचान चिन्ह भी लगाया जाता है।
फिलहाल युवक की शिकायत और नगर निगम के दावों के बीच मामला जांच के दौर में है। प्रशासन ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है, जबकि निगम ने अपने स्तर पर प्रक्रिया और नियमों का हवाला देते हुए आरोपों को तथ्यहीन बताया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि स्वान बधियाकरण केंद्र को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले ने खंडवा के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।