Jabalpur Garha Police Vehicle Theft Case: जबलपुर पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल और दो स्कूटी बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क इंदौर से लेकर जबलपुर तक फैला हुआ था और इसका मुख्य सरगना अभी भी फरार है।
गढ़ा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेडिकल अस्पताल के पास दो युवक एक स्कूटी को बेहद कम कीमत पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन्होंने अपनी पहचान अभिषेक झा और सुरेंद्र झारिया के रूप में बताई।
इंदौर पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने धन्वन्तरि नगर निवासी आयुष जैन के साथ मिलकर इंदौर से वाहन चोरी किए थे। आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई गाड़ियों को जबलपुर लाकर कम दामों में बेचा जाता था। पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और कई वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
आरोपियों ने बताया कि आयुष जैन पहले जबलपुर जिले में रहता था, जहां उसकी दोस्ती अभिषेक और सुरेंद्र से हुई थी। बाद में वह इंदौर चला गया और एक कोरियर कंपनी में पार्सल डिलीवरी का काम करने लगा। इसी दौरान उसने वाहन चोरी का नेटवर्क खड़ा किया और इंदौर से चोरी की गई गाड़ियों को जबलपुर भेजना शुरू कर दिया।
यह भी पढ़ें: भेरुंदा में नाव घाटों की नीलामी में धांधली का आरोप, CEO के खिलाफ कलेक्टर से की गई शिकायत; जानें पूरा मामला
अभिषेक और सुरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य युवकों को भी गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक बाइक और एक स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस अब इंदौर पुलिस के संपर्क में है और मुख्य आरोपी आयुष जैन की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद वाहन चोरी की कई और वारदातों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।