भेरुंदा में नाव घाटों की नीलामी में धांधली का आरोप, CEO के खिलाफ कलेक्टर से की गई शिकायत; जानें पूरा मामला

Boat Ghat Tender Controversy Bherunda: सीहोर के भेरुंदा जनपद पंचायत में नाव घाटों के आवंटन पर मचर बवाल, नियमों को ताक पर रख बिना खुली निविदा के चहेतों को ठेका देने का आरोप, कलेक्टर को ज्ञापन।
bherunda-janpad-panchayat-tender-dispute-complaint-against-ceo
Boat Ghat Tender Controversy Bherunda (Source: Navbharat Live)
Published on
Updated on

​Bherunda Janpad Panchayat Tender Dispute: जनपद पंचायत भेरुंदा इन दिनों नाव घाटों के आवंटन को लेकर सुर्खियों में है। नीलामी प्रक्रिया में बरती जा रही कथित अनियमितताओं के विरोध में वार्ड क्रमांक 8 के जनपद सदस्य विष्णु पाटिल के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के जरिए जनपद पंचायत के सीईओ पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बाबरी सहित क्षेत्र के कई नाव घाटों की नीलामी पिछले कई वर्षों से पारदर्शी तरीके से नहीं हो रही है। नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी विधिवत निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के, ठेके आवंटित किए जा रहे हैं। आरोप है कि किसी एक ही व्यक्ति को बार-बार ठेका दिया जा रहा है और उसमें भी केवल 10 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की जा रही है, जो सरकारी खजाने को जानबूझकर चूना लगाने जैसा है।

​अधिकारी दे रहे हैं अनदेखी का परिचय

ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने एक और गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि जब भी इस संबंध में जनपद पंचायत कार्यालय में शिकायत या आवेदन दिया जाता है, तो वहां संबंधित अधिकारी द्वारा कोई पावती (रसीद) तक नहीं दी जाती। इससे यह स्पष्ट होता है कि पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की परतें गहरी हैं और शिकायतों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

​जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांगें:

  • ​नाव घाटों की नीलामी प्रक्रिया की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • ​भविष्य में सभी घाटों की नीलामी विज्ञप्ति (नोटिस) जारी कर खुली बोली प्रक्रिया के माध्यम से ही की जाए।
  • ​एक ही व्यक्ति को बार-बार ठेका देने के पीछे की मिलीभगत की जांच हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र का राजस्व प्रभावित होगा। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस मामले में सख्त रुख अपनाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com