जबलपुर हाईकोर्ट में धान घोटाले की सुनवाई फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
जबलपुर

जबलपुर धान घोटाले पर हाईकोर्ट में सुनवाई, EOW ने जांच रिपोर्ट रखी, सरकार को रिपोर्ट के लिए 6 हफ्ते की मोहलत

Madhya Pradesh High Court : जबलपुर धान परिवहन घोटाले में हाईकोर्ट में EOW ने जांच रिपोर्ट पेश की। 43.03 करोड़ की गड़बड़ी के मामले में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट के लिए 6 हफ्ते का समय मिला।

पवन पटेल, प्रीतेश जैन

Jabalpur Dhaan Scam : जबलपुर सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों में सामने आए धान परिवहन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने मामले की जांच से संबंधित रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी। मामला जबलपुर में धान के परिवहन और आपूर्ति के दौरान सामने आई गड़बड़ियों से जुड़ा है। केवल जबलपुर में हुई जांच में करीब 43 करोड़ 3 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है।

मामले में आरोप है कि धान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के दौरान नियमों में गड़बड़ी की गई। इसी के जरिए बड़े स्तर पर अनियमितता होने का दावा किया गया है। सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि इस तरह की गड़बड़ियां सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं हो सकती हैं और प्रदेश के दूसरे जिलों में भी धान परिवहन से जुड़े मामलों की जांच की जरूरत है।

28 जिलों में अनियमितताओं का दावा

पिछली सुनवाई में जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में धान परिवहन से जुड़ी शिकायतों और जांच की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित जिलों से रिपोर्ट मांगी गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से दावा किया गया कि जांच में करीब 28 जिलों में धान परिवहन से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि सरकार की ओर से पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी कोर्ट के सामने पेश की जानी बाकी है।

सरकार को 6 सप्ताह का समय

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूरे मामले से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट की एक कॉपी याचिकाकर्ता के वकील को उपलब्ध कराई जाए। इससे याचिकाकर्ता पक्ष रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों का अध्ययन कर अगली सुनवाई में अपना पक्ष रख सकेगा।

GPS और वाहनों की निगरानी पर सवाल

सुनवाई के दौरान धान परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की निगरानी और GPS व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। परिवहन के दौरान वाहनों की वास्तविक आवाजाही और निगरानी की व्यवस्था पर उठे सवाल मामले की जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं।

16 नवंबर को अगली सुनवाई

जबलपुर से शुरू हुआ धान परिवहन से जुड़ा यह मामला अब प्रदेश के कई जिलों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी, जिसमें जांच से जुड़े आगे के तथ्यों और रिपोर्ट पर सुनवाई होने की उम्मीद है।

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