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जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए CM मोहन यादव।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे रहे मौजूद।
मुख्यमंत्री ने कहा- भाजपा सरकार में 900 से अधिक अनुपयोगी कानून समाप्त किए।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए ज्ञापन और याचिका को लेकर की टिप्पणी।
CM Mohan Yadav Statement on Rahul Gandhi : सीएम मोहन यादव शनिवार को जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान एमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे सहित न्यायिक और अधिवक्ता समुदाय के कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सीएम ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका पर जोर दिया। साथ ही सरकार की ओर से किए गए कानूनी सुधारों का भी जिक्र किया।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को ये भी जानकारी नहीं है कि ज्ञापन कहां देना चाहिए और याचिका कहां दायर करनी चाहिए।
जबलपुर पहुंचने के दौरान सीएम मोहन यादव गोटेगांव से शहपुरा भिटौनी पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ देर रुककर कुल्हड़ वाली चाय का स्वाद लिया। सीएम का काफिला पहुंचते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं और बरगी विधायक नीरज सिंह ने उनका स्वागत किया। स्थानीय कार्यकर्ताओं से मुलाकात के आग्रह पर सीएम ने अपना काफिला रुकवाया और उनके साथ कुछ समय बिताया। इसके बाद वे जबलपुर के कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
महाधिवक्ता कार्यालय के उद्घाटन समारोह में सीएम ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद 900 से अधिक अनुपयोगी कानून समाप्त किए गए हैं। पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर कानूनी व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में काम किया गया है। सीएम ने कहा कि न्यायपालिका और सरकार की अपनी अपनी जिम्मेदारियां हैं और दोनों का उद्देश्य संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर भी टिप्पणी की। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को ये भी जानकारी नहीं है कि ज्ञापन कहां देना चाहिए और याचिका कहां दायर करनी चाहिए। उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल ही में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर ज्ञापन देने के लिए समय मांगा था।
एमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि प्रशासन और लोकतंत्र के सभी स्तंभों का अंतिम उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बिना भय और पक्षपात के निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सम्मान जरूरी है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी संस्थाओं के बीच सहयोग और संवाद आवश्यक है। न्यायपालिका प्रशासन और अन्य संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप करना चाहिए। कार्यक्रम में न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और नागरिकों को समय पर निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।