Sanjay Mehta With Navbharat Live: विवेक अग्निहोत्री की चर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ में अब्दुल भुट्टावी का प्रभावशाली किरदार निभाने वाले रंगमंच कलाकार संजय मेहता ने नवभारत लाइव से खास बातचीत की। उन्होंने फिल्मों में दिखाई जा रही वास्तविक घटनाओं और बदलते फिल्मी नैरेटिव पर अपनी बात रखी। मेहता के मुताबिक, लंबे समय से कई ऐसी बातें थीं, जो सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा नहीं थीं।
‘धुरंधर’ ने इन घटनाओं को बड़े पर्दे पर सामने लाने की दिशा में शुरुआत की है। उन्होंने फिल्म की कहानी के साथ-साथ अभिनय, निर्देशन, एडिटिंग और तकनीकी पक्ष की भी चर्चा की और इसे प्रभावशाली फिल्म बताया।
संजय मेहता ने बताया कि फिल्मों और वेब सीरीज में रंगमंच से जुड़े कलाकारों को मिल रहे अवसरों की शुरुआत करीब एक दशक पहले हुई थी। टेलीविजन चैनलों ने छोटे शहरों और कस्बों में काम कर रहे कलाकारों को मंच दिया। इसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म आने से कलाकारों के लिए काम के अवसर और बढ़े। उन्होंने कहा कि अब बॉलीवुड में कास्टिंग का तरीका भी बदल चुका है। पहले प्रोडक्शन हाउस ही कास्टिंग करता था, जबकि अब अलग-अलग कास्टिंग कंपनियां फिल्मों के लिए कलाकार चुनती हैं। इन कंपनियों के पास देशभर के कलाकारों का बड़ा डेटाबेस मौजूद है।
संजय मेहता ने अपनी आगामी फिल्म ‘श्रीराम भूमि’ को लेकर भी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, फिल्म का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह कर रहे हैं, जिन्हें उन्होंने ‘द केरला स्टोरी 2’ के निर्देशक के तौर पर बताया। मेहता के अनुसार, फिल्म अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लंबे संघर्ष, कारसेवकों की भूमिका और मंदिर निर्माण तक पहुंची यात्रा पर आधारित है। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म में ऐसी कई बातें भी सामने आ सकती हैं, जो अब तक सार्वजनिक चर्चा में नहीं आई हैं। फिल्म के जनवरी के आसपास रिलीज होने की संभावना बताई गई है।
बातचीत के दौरान कृष्ण मंदिर को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी संजय मेहता से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण में भी लंबा समय लगा और हर चीज का अपना समय होता है। उनके मुताबिक, कृष्ण मंदिर को लेकर भी विभिन्न मंचों पर चर्चा चल रही है और समय आने पर इस संबंध में चीजें सामने आ सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कृष्ण मंदिर को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।