Highlights:
इंदौर के डेली कॉलेज में RSS की विशेष प्रदर्शनी।
भोजशाला के इतिहास और हाईकोर्ट के फैसले तक का घटनाक्रम तस्वीरों में प्रदर्शित।
हाथों से बनी कलाकृतियों में संघ की 101 वर्षों की यात्रा।
मालवा की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को भी मिली जगह।
Indore RSS Exhibition 101 Years History : इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बीच लगाई गई विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े घटनाक्रम, उसके इतिहास और हाईकोर्ट के फैसले को तस्वीरों के जरिए प्रदर्शित किया गया है।
इसके साथ ही संघ की 101 वर्षों की यात्रा को कलाकारों ने हाथों से तैयार की गई कलाकृतियों में समेटा है। देशभर से पहुंचे संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इस प्रदर्शनी के जरिए मालवा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित हो रहे हैं।
प्रदर्शनी में धार की भोजशाला को विशेष स्थान दिया गया है। यहां भोजशाला के निर्माण से लेकर उससे जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम और हाईकोर्ट के निर्णय तक की जानकारी क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत की गई है। भोजशाला को सरस्वती मंदिर के रूप में प्रदर्शित करते हुए उससे जुड़े साक्ष्यों और तस्वीरों को भी शामिल किया गया है। इन तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से भोजशाला के मंदिर होने के पक्ष में प्रस्तुत किए जाने वाले दावों से आगंतुकों को अवगत कराया जा रहा है।
प्रदर्शनी का दूसरा प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 101 वर्षों की संगठनात्मक यात्रा है। इसमें संघ की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक के सफर को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। अलग-अलग कलाकारों और चित्रकारों ने इन कलाकृतियों को अपने हाथों से तैयार किया है। इनमें संघ की स्थापना, संगठन के विस्तार और विभिन्न गतिविधियों को दर्शाया गया है। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में लगाई गई तस्वीरें तैयारशुदा प्रिंट नहीं, बल्कि कलाकारों की मेहनत से बनाई गई पेंटिंग और कलाकृतियां हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक यात्रा और भोजशाला के इतिहास के साथ प्रदर्शनी में मालवा की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को भी जगह दी गई है। यहां क्षेत्र के पारंपरिक पत्थरों और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की गई है। इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पदाधिकारियों को मालवा की भौगोलिक विशेषताओं, इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत समेत देशभर से 400 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रचारक पहुंचे हैं। उनकी मौजूदगी को देखते हुए डेली कॉलेज परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रवेशिका के बिना किसी को भी परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके अलावा परिसर और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस बल के साथ संघ के स्वयंसेवक भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
डेली कॉलेज के बड़े परिसर में पदाधिकारियों और प्रचारकों के ठहरने के लिए अलग-अलग भवन निर्धारित किए गए हैं। परिसर के भीतर आवाजाही के लिए बैटरी से चलने वाली छोटी गाड़ियों का इस्तेमाल हो रहा है। कई प्रचारक पैदल ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे हैं, जबकि व्यवस्था संभालने वाले स्वयंसेवक साइकिल से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।