इंदौर में RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में देशभर से करीब 408 कार्यकर्ता शामिल होंगे।
सुनील आंबेकर के मुताबिक, देशभर में संघ की 1,01,151 शाखाएं संचालित हो रही हैं।
शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया।
बैठक में संगठनात्मक बदलाव और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा होगी।
RSS All India Executive Council Meeting 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बैठक के एजेंडे, संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठन के विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि बैठक में देशभर से करीब 408 कार्यकर्ता अपेक्षित हैं। इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सहित संघ के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के पदाधिकारी शामिल होंगे। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में अलग-अलग विषयों पर चर्चा और समीक्षा की जाएगी।
सुनील आंबेकर ने बताया कि देशभर में संघ की 1 लाख 1 हजार 151 शाखाएं संचालित हो रही हैं। वहीं, 1 लाख 10 हजार 849 स्थानों तक संघ का काम पहुंच चुका है। पिछले वर्षों की तुलना में 13 हजार से अधिक नई शाखाएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष से पहले के तीन वर्षों में संघ द्वारा किए गए कार्य विस्तार की समीक्षा भी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुनील आंबेडकर ने बताया कि इस दौरान 65 हजार 660 हिंदू सम्मेलन हुए। इन कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता भी काफी रही। सम्मेलन और शताब्दी वर्ष के दौरान हुए अन्य कार्यक्रमों से मिले अनुभवों की बैठक में समीक्षा की जाएगी। महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए आने वाले समय में नए कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
प्रेस वार्ता में संघ की संगठनात्मक संरचना को लेकर भी जानकारी दी गई। सुनील आंबेकर ने बताया कि संगठनात्मक बदलाव को लेकर पहले चर्चा हुई थी। अब अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद संगठन की नई रचना को लेकर निर्णय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संघ का यह चुनावी वर्ष भी है। सह सरकार्यवाह का चुनाव मार्च में नागपुर में आयोजित होने वाली बैठक में होगा।
युवा वर्ग में नशीली दवाओं के बढ़ते चलन को लेकर भी संघ ने चिंता जताई है। सुनील आंबेकर ने कहा कि नशे की समस्या लगातार बढ़ रही है और इस पर समाज को जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए संघ ने कई संस्थाओं से संपर्क किया है। आने वाले समय में नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बैठक में इस विषय पर भी चर्चा होगी।
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में पंच परिवर्तन के विषय पर भी देशभर से आए कार्यकर्ता अपने विचार रखेंगे। संघ द्वारा सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए चलाए जा रहे प्रयासों और उनके प्रभावों की समीक्षा की जाएगी। जनजागरण से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहेंगे।
सुनील आंबेकर ने सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि इन दौरों के दौरान भारत को लेकर संघ के विचार दुनिया के सामने रखे गए। उन्होंने बताया कि संघ वैश्विक संपर्क की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा और आने वाले समय में दुनिया के कई देशों के साथ संपर्क स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
देश में चल रहे विभिन्न आंदोलनों और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर पूछे गए सवाल पर सुनील आंबेडकर ने कहा कि विजयादशमी पर सरसंघचालक के उद्बोधन में वर्तमान विषयों पर अपनी बात रखी गई थी। संघ के जागरूक कार्यकर्ताओं का समसामयिक मुद्दों पर ध्यान रहता है और इन विषयों पर चर्चा भी होती है।
उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम उत्पन्न करने वाले तत्वों को समझना जरूरी है। संघ किसी माध्यम या तकनीक का विरोध नहीं करता, लेकिन उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इस पर चर्चा और जागरूकता जरूरी है।