Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj : राहुल गांधी के इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस से कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था- ‘कागज सामने रखिए, रील नहीं।’ इसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए प्रशासन को दिए गए पत्र सार्वजनिक कर दिए।
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर रजिस्ट्रेशन और प्रचार तो किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन के समक्ष विधिवत अनुमति के लिए आवेदन किया गया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से कार्यक्रम स्थल, उसकी क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्वीकृति से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी।
बीजेपी प्रवक्ता के सवाल के बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए किए गए पत्र सार्वजनिक कर दिए हैं। कांग्रेस की ओर से शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इंदौर विकास प्राधिकरण और नगर निगम आयुक्त को कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति के लिए पत्र दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अनुमति मांगी गई है और इससे जुड़े दस्तावेज अब सार्वजनिक कर दिए गए हैं।
राकेश सिंह यादव ने अपने बयान में कांग्रेस से कहा था कि ‘कागज सामने रखिए, रील नहीं। अनुमति दिखाइए, आरोप नहीं।’ अब कांग्रेस ने इन्हीं सवालों के जवाब में अनुमति के पत्र सार्वजनिक करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है। कांग्रेस की ओर से तंज कसते हुए कहा जा रहा है कि जिस दस्तावेज की मांग बीजेपी प्रवक्ता कर रहे थे, वह अब सामने है।
राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर इंदौर में पहले से ही बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। कार्यक्रम की तारीख 19 सितंबर प्रस्तावित है और कांग्रेस इसे छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित कार्यक्रम बता रही है। वहीं बीजेपी लगातार कार्यक्रम की अनुमति, आयोजन स्थल और तैयारियों को लेकर सवाल उठा रही है, जिससे कार्यक्रम से पहले ही सियासी माहौल गरमा गया है।
इंदौर कांग्रेस द्वारा अनुमति के पत्र सार्वजनिक किए जाने के बाद अब नजर बीजेपी की अगली प्रतिक्रिया पर है। बीजेपी ने जहां कांग्रेस से कार्यक्रम की अनुमति के कागज सामने रखने को कहा था, वहीं कांग्रेस ने प्रशासन को दिए गए पत्र सार्वजनिक कर अपना पक्ष रख दिया है। ऐसे में देखना होगा कि बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव इन दस्तावेजों को लेकर क्या जवाब देते हैं।