Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj : इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। कार्यक्रम से एक दिन पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कार्यक्रम की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर और देवास की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इन घटनाओं पर शोक मनाना चाहिए था, लेकिन उसका ध्यान दूसरे आयोजनों पर है। सिंघार ने कहा कि सरकार जिन दीयों को जलाने की बात कर रही है, उन्हें बुझाने का काम छात्र करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर रोज नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कभी रूट को लेकर तो कभी पैसों को लेकर मुद्दा सामने आ रहा है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इन सभी परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार है, लेकिन छात्रों की गूंज कार्यक्रम जारी रहेगा।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था में उनके पिता राजीव गांधी की हत्या का भी हवाला दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा पहले छीनी गई और अब उनके पिता की मौत का हवाला देकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के लिए पुलिस की ओर से 31 सुरक्षा शर्तें रखे जाने और 1991 के राजीव गांधी हत्याकांड की जांच से जुड़ी जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ दिए जाने की रिपोर्टिंग भी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत दो पहलू हैं और चुनावी हार-जीत चलती रहती है। उन्होंने कहा कि एक विधानसभा के कार्यक्रम को लेकर जिस तरह की नकारात्मकता दिखाई जा रही है, उसे उन्होंने पहले नहीं देखा। चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर एसपीजी की रिपोर्ट के आधार पर जो व्यवस्थाएं जरूरी हैं, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
हरीश चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन छात्रों के कार्यक्रम को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी को राजनीतिक रूप से घेरना या अपनी नाराजगी जाहिर करनी है तो उसके लिए दूसरे राजनीतिक माध्यम मौजूद हैं। उनके मुताबिक, छात्रों को इस राजनीतिक लड़ाई में क्यों लाया जा रहा है, यह सवाल है।
चौधरी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्र अपनी बात और नाराजगी सामने रख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को लेकर सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों से कई बातें सामने आ रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की आवाज को सामने लाना है।
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने आयोजकों के लिए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास, चिकित्सा और आपात व्यवस्था समेत 31 शर्तें तय की हैं।