लोकायुक्त पुलिस कुई गिरफ्त में जूनियर इंजिनियर (फोटो सोर्स - नवभारत) 
इंदौर

रिश्वत मांगने वाला जूनियर इंजीनियर लोकायुक्त के जाल में फंसा, 40 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Traps:इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर को होटल की सोलर पैनल फाइल आगे बढ़ाने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा ।

अंशुल मुकाती

Indore Lokayukta Traps Power Department JE: इंदौर में सरकारी दफ्तर में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक जूनियर इंजीनियर को लोकायुक्त पुलिस ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी होटल पर सोलर पैनल लगाने की अनुमति से जुड़ी फाइल आगे बढ़ाने के एवज में कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

होटल की सोलर फाइल के बदले मांगी थी 80 हजार की रिश्वत

जानकारी के अनुसार, इंदौर के बिल्डर एवं होटल व्यवसायी शिवप्रकाश बसवाल ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि अंबे नगर स्थित उनके जीआर-7 होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर 80 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

शिकायत सही मिलने पर बिछाया गया जाल

लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के अनुसार शनिवार को शिकायतकर्ता आरोपी के पास सुखलिया जोन कार्यालय पहुंचा और 40 हजार रुपये की पहली किश्त उसे सौंपी।

40 हजार रुपये लेते ही दबोचा

जैसे ही आरोपी जूनियर इंजीनियर ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथों का रासायनिक परीक्षण कराया गया, जिसमें रिश्वत के नोटों पर लगाए गए विशेष रसायन की पुष्टि हुई।

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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी नमेश कुमार भोंडेकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी पहले भी इसी तरह रिश्वत लेने के मामलों में शामिल रहा है या नहीं। यदि जांच में अन्य शिकायतें सामने आती हैं तो मामले में और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

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