MGM Medical College Ragging : इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में फर्स्ट ईयर एमबीबीएस छात्रों ने सीनियर छात्रों के देर रात हॉस्टल में पहुंचने और उन्हें परेशान करने की शिकायत की है। मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
इधर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के एंटी रैगिंग सेल ने भी कॉलेज प्रशासन से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए छात्रों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है।
शिकायत के मुताबिक, कुछ सीनियर छात्र देर रात फर्स्ट ईयर एमबीबीएस छात्रों के हॉस्टल में पहुंचे थे। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों के कमरों के दरवाजे खुलवाने के लिए देर रात दरवाजे पीटे। सीनियर छात्रों के पहुंचने और लगातार दरवाजा खटखटाए जाने से जूनियर छात्र डर गए और उन्होंने कमरे के दरवाजे नहीं खोले। मामले की जानकारी सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
मामले में हॉस्टल में तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि जब सीनियर छात्र जूनियर छात्रों के हॉस्टल में पहुंचे तो सुरक्षाकर्मी उन्हें रोक नहीं सके। कॉलेज प्रशासन अब सुरक्षाकर्मियों से भी पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी लेगा और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में यह भी देखा जाएगा कि हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सीनियर छात्र प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंचे।
शिकायत की जांच के लिए कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने फर्स्ट ईयर छात्रों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। छात्रों से घटना के समय, हॉस्टल में सीनियर छात्रों की मौजूदगी और उनके द्वारा किए गए व्यवहार के बारे में जानकारी ली जाएगी। छात्रों के बयानों के आधार पर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
फर्स्ट ईयर एमबीबीएस छात्र हॉस्टल के ब्लॉक नंबर 6 में रहते हैं। शिकायत के बाद कॉलेज प्रबंधन अब इस ब्लॉक में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी कर रहा है। बताया गया है कि ब्लॉक नंबर 6 में सीनियर छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। ऐसे में CCTV फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना वाली रात हॉस्टल में कौन-कौन पहुंचा था और कितनी देर तक वहां मौजूद रहा।
मामला सामने आने के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन के एंटी रैगिंग सेल की ओर से कॉलेज प्रशासन से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। कॉलेज प्रशासन छात्रों के बयान, CCTV फुटेज, सुरक्षाकर्मियों की जानकारी और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल कर रिपोर्ट तैयार करेगा। जांच पूरी होने के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।