प्रधान आरक्षक फिरोज खान के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त की छापेमारी।
प्रारंभिक जांच में 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा।
इंदौर और देवास में मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और फर्मों की जांच।
मां-पत्नी के नाम फर्मों में करोड़ों के लेन-देन की पड़ताल जारी।
Lokayukta Raids Police Head Constable Indore: मध्यप्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी सर्चिंग कार्रवाई शुरू की।
लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने सुबह 6 बजे देवास स्थित उनके आवास सहित इंदौर और देवास के कुल 15 ठिकानों पर तलाशी शुरू की। कार्रवाई में लोकायुक्त के आठ अधिकारी पुलिस बल के साथ शामिल हैं।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में प्रधान आरक्षक फिरोज खान के पास करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का पता चला है। जांच एजेंसी के आकलन के मुताबिक, यह संपत्ति उनकी अनुमानित आय से 223 प्रतिशत अधिक है। फिलहाल विभिन्न ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त टीम की जांच के अनुसार, फिरोज खान को वेतन से अब तक अनुमानित 75 लाख रुपये की आय हुई है। अन्य स्रोतों से होने वाली आय को जोड़कर उनकी कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले जांच में अब तक करीब 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। लोकायुक्त को संदेह है कि आरोपी ने अपनी आय के अनुपात से अधिक संपत्तियां अर्जित की हैं।
लोकायुक्त की टीमें इंदौर शहर में चार और देवास में 11 स्थानों पर तलाशी ले रही हैं। इनमें देवास के आदर्श नगर स्थित आरोपी का आवास, इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में सह आरोपी रोशनी वर्मा का निवास और स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट के फ्लैट शामिल हैं। इसके अलावा श्रीनगर कॉलोनी स्थित फ्लैट, विभिन्न कॉलोनियों के प्लॉट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्तियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
जांच में फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी नामक फर्म होने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के अनुसार, कंपनी के खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की बात भी जांच में सामने आई है। इसके अलावा रोशनी वर्मा द्वारा रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम से फर्म संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को प्रथमदृष्टया फिरोज खान के रियल एस्टेट में निवेश से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नामक फर्म के माध्यम से निवेश किए जाने की बात सामने आई है। इन फर्मों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
लोकायुक्त को मिली शिकायत में जमीन के विवाद में हस्तक्षेप करने और परिचित महिला के नाम पर संपत्ति खरीदने के आरोप भी लगाए गए थे। शिकायत के मुताबिक, आवेदक और उसके पिता के बीच सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी विवाद के बीच रोशनी वर्मा के नाम पर आवेदक के पिता से करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया गया।
लोकायुक्त की जांच में इस भूमि की खरीद में फिरोज खान की कथित भूमिका सामने आने की बात कही गई है। इसी आधार पर रोशनी वर्मा को भी मामले में सह आरोपी बनाया गया है। हालांकि, आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
लोकायुक्त के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करते हैं। शिकायत में लकड़ी का कारोबार करने, कई वाहन रखने और अपनी पत्नी, मां तथा अन्य महिला के नाम पर संपत्तियां खरीदने के आरोप भी लगाए गए थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि आरोपी के आदर्श नगर स्थित आवास के पास एक नए मकान का निर्माण कराया जा रहा है।
इन शिकायतों की जांच उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के माध्यम से कराई गई। जांच में कई संपत्तियों की जानकारी सामने आने के बाद लोकायुक्त ने तलाशी की कार्रवाई शुरू की।
यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की जा रही है। फिलहाल इंदौर और देवास में तलाशी जारी है। सर्चिंग के दौरान संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जाएगी। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।