उज्जैन के अर्जुन सोलंकी ने एशियाई मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में जीता ब्रॉन्ज, क्षिप्रा से शुरू हुआ था सफर

Ujjain Arjun Singh Solanki : उज्जैन के अर्जुन सिंह सोलंकी ने एशियाई मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्होंने क्षिप्रा नदी में मां से तैराकी सीखी थी।
Ujjain swimmer Arjun Singh Solanki won a bronze medal
अर्जुन सिंह सोलंकी ने कांस्य पदक जीताफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights:

  • उज्जैन के अर्जुन सिंह सोलंकी ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता।

  • अर्जुन ने 2009 में तैराकी शुरू की और उनकी मां ममता सोलंकी ने उन्हें शुरुआती प्रशिक्षण दिया।

  • नगर निगम में नौकरी के साथ अर्जुन वर्ष 2017 से करीब 20 बच्चों को तैराकी सिखा रहे हैं।

Arjun Singh Solanki Asian Masters Swimming : मेहनत, लगन और वर्षों के अभ्यास ने उज्जैन के अर्जुन सिंह सोलंकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। कभी क्षिप्रा नदी में अपनी मां से तैराकी के गुर सीखने वाले अर्जुन ने अब एशियाई मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर शहर का गौरव बढ़ाया है।

बेंगलुरु में 4 से 10 अक्टूबर तक आयोजित द्वितीय एशियाई मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की। अर्जुन के मुताबिक, इस स्पर्धा में श्रीलंका के खिलाड़ी ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर भारतीय तैराक रहे।

27 देशों के खिलाड़ियों के बीच हुआ मुकाबला

अर्जुन ने बताया कि प्रतियोगिता में 53 देशों की भागीदारी दर्ज थी, जबकि 27 देशों के खिलाड़ी बेंगलुरु पहुंचे थे। चीन, जापान, बांग्लादेश, श्रीलंका और थाईलैंड सहित कई देशों के तैराकों के बीच मुकाबला हुआ। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना उनके लिए खास अनुभव रहा। इस चैंपियनशिप में उज्जैन जिले से कुल पांच प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें अर्जुन सिंह सोलंकी के अलावा दिलीप जोशी, सोमेश शर्मा, सुभाष गुप्ता और अविनाश शामिल थे।

2009 में शुरू हुआ तैराकी का सफर

अर्जुन का खेल से जुड़ाव वर्ष 2009 में शुरू हुआ था। वर्ष 2011 में उन्होंने अंडमान-निकोबार में पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके बाद राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार अपनी प्रतिभा दिखाई। वर्ष 2017 में भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतना उनके लिए अहम उपलब्धि रही। वर्ष 2023 में गोवा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की टीम स्पर्धा में भी उन्होंने रजत और कांस्य पदक हासिल किए। अब एशियाई स्तर पर कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपने खेल सफर में एक और उपलब्धि जोड़ ली है।

मां ममता सोलंकी से मिली तैराकी की प्रेरणा

अर्जुन की सफलता के पीछे उनकी मां ममता सोलंकी की अहम भूमिका है। उनकी मां राज्य स्तर की तैराक रह चुकी हैं और अर्जुन को तैराकी की शुरुआती शिक्षा भी उन्हीं से मिली। अर्जुन ने क्षिप्रा नदी में तैराकी सीखना शुरू किया था। रामघाट के नजदीक शगुन गार्डन क्षेत्र में रहने वाले अर्जुन का बचपन नदी और तैराकी से जुड़ा रहा। उनके पिता स्वर्गीय देवी सिंह सोलंकी हीरा मिल की चाल में कार्यरत थे। अर्जुन ने बीए तक पढ़ाई की है और वर्तमान में उज्जैन नगर निगम में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं।

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नौकरी के साथ 20 बच्चों को दे रहे तैराकी का प्रशिक्षण

अर्जुन खुद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के साथ बच्चों को तैराकी सिखाने का काम भी कर रहे हैं। वर्ष 2017 से वह करीब 20 बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रशिक्षित बच्चे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के साथ पदक भी जीत चुके हैं। नौकरी, अपना अभ्यास और बच्चों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारियों के बीच अर्जुन ने तैराकी से अपना जुड़ाव बनाए रखा है। एशियाई मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में मिला कांस्य पदक उनके वर्षों के अभ्यास और समर्पण का परिणाम है। उनकी उपलब्धि उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं।

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