इंदौर नगर निगम (फोटो सोर्स - नवभारत ) 
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इंदौर को बड़ी सौगात: अर्बन चैलेंज फंड से 1,214 करोड़ की जल और सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी

Urban Challenge Fund:इंदौर को जल प्रदाय और सीवरेज से जुड़ी 1,214.54 करोड़ की परियोजनाओं को केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। इसके तहत शहर को 302.70 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिलेगी

अंशुल मुकाती

Indore Gets Urban Challenge Fund: इंदौर शहर की जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत नगर निगम इंदौर की कुल 1,214.54 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से लगभग 302.70 करोड़ की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। इस राशि का उपयोग नर्मदा परियोजना के फेस-4 के तहत नई जल वितरण लाइन और शहर में सीवरेज नेटवर्क के विस्तार के लिए किया जाएगा।

दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मिली स्वीकृति

नई दिल्ली में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड की एपेक्स कमेटी की बैठक में नगर निगम इंदौर ने जल प्रदाय, सीवर नेटवर्क विस्तार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन से जुड़ी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। प्रस्तुतीकरण में भविष्य की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और नवाचार आधारित तकनीकों पर जोर दिया गया।

जल और सीवरेज परियोजनाओं को मिलेगा नया आधार

स्वीकृत परियोजनाओं में 907.74 करोड़ की जल प्रदाय परियोजनाएं और 306.80 करोड़ की सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र से मिलने वाली सहायता के बाद नगर निगम की ऋण आवश्यकता कम होगी और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे नर्मदा परियोजना के फेस-4 के तहत जल वितरण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

इंदौर मॉडल की हुई सराहना

बैठक के दौरान भारत सरकार के अधिकारियों ने नगर निगम इंदौर की योजनाओं की सराहना की। विशेष रूप से उपचारित जल के पुनः उपयोग, टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट, पीपीपी मॉडल और भूजल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों को अन्य शहरों के लिए भी अनुकरणीय बताया गया। अधिकारियों के अनुसार, ये पहल भविष्य की जल चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

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शहर को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ

इन परियोजनाओं के लागू होने से इंदौर में पेयजल वितरण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार होगा और उपचारित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भूजल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह पहल विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप इंदौर को भविष्य के स्मार्ट और टिकाऊ शहर के रूप में और मजबूत बनाएगी।

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