Indore Prahlad Pandey : इंदौर में अवैध बैनर-पोस्टर के खिलाफ आवाज उठा रहे प्रहलाद पांडे की शिकायत पर बाणगंगा थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रहलाद पांडे का आरोप है कि वे मरीमाता चौराहे पर अवैध बैनर-पोस्टर और मार्ग संकेतकों को लेकर फेसबुक पर लाइव वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग वहां पहुंचे और उन्हें वीडियो में विधायक गोलू शुक्ला का नाम नहीं लेने के लिए धमकाने लगे।
प्रहलाद पांडे के मुताबिक, उन्होंने अज्ञात लोगों से कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध तरीके से लगाए गए बैनर-पोस्टर और मार्ग संकेतकों को लेकर है। आरोप है कि इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के अनुसार, दो अज्ञात लोगों ने प्रहलाद पांडे के चेहरे पर मुक्के और चांटे मारे। आरोप है कि उनका मोबाइल फोन छीनकर फेसबुक पर लाइव किए गए दो वीडियो डिलीट कर दिए गए। इसके साथ ही फोन पर आवाज रिकॉर्ड करने वाला रिसीवर भी लूट लिया गया। हालांकि, पांडे का कहना है कि उनका मोबाइल फोन उनके पास ही है।
मारपीट की घटना के बाद प्रहलाद पांडे पिछले कुछ दिनों से इंदौर के रीगल चौराहे पर अवैध बैनर-पोस्टर के खिलाफ धरने पर बैठे थे। उनका कहना है कि शहर में नियमों को दरकिनार कर बैनर-पोस्टर और मार्ग संकेतकों पर विज्ञापन लगाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर वे लगातार प्रदर्शन और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं।
बुधवार को प्रशासन ने प्रहलाद पांडे को रीगल चौराहे से हटाकर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद प्रहलाद पांडे ने इलाज करवाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे इलाज नहीं करवाएंगे और अपना अनशन जारी रखेंगे।
अस्पताल में प्रहलाद पांडे ने कहा कि वह इलाज नहीं करवा रहे हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि अनशन के दौरान उनके शरीर के किसी अंग को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी महापौर पुष्यमित्र भार्गव और प्रशासन की होगी। पांडे ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
प्रहलाद पांडे की शिकायत पर बाणगंगा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया लाइव और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि इंदौर पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।