Indore Municipal Fire Safety : इंदौर नगर निगम में अब सवाल विपक्ष नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर से उठने लगे हैं। नगर निगम की एमआईसी के सदस्य मनीष शर्मा ने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर मुख्यालय और जोन कार्यालयों में फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी का मुद्दा उठाया है। खास बात यह है कि यह सवाल उसी परिषद के सदस्य ने उठाया है, जो नगर निगम की व्यवस्था का हिस्सा हैं। इस पर कांग्रेस ने मनीष शर्मा के पत्र का स्वागत किया है
एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि नगर निगम के विभिन्न विभागों में हजारों महत्वपूर्ण फाइलें और रिकॉर्ड सुरक्षित रखे गए हैं। जन्म-मृत्यु पंजीयन, संपत्तिकर, ड्रेनेज, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से जुड़े दस्तावेज निगम मुख्यालय में मौजूद हैं, लेकिन आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण नहीं हैं।
शर्मा ने निगम मुख्यालय और सभी जोन कार्यालयों में तत्काल अग्निशमन उपकरण लगाने की मांग की है।मनीष शर्मा के इस पत्र ने निगम प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर ऐसे मुद्दे विपक्ष उठाता है, लेकिन इस बार नगर निगम की एमआईसी के सदस्य ने ही सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जाहिर की है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा परिषद और निगम प्रशासन पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि भाजपा के अपने जनप्रतिनिधि को फायर सेफ्टी जैसी बुनियादी व्यवस्था को लेकर पत्र लिखना पड़ रहा है, तो यह नगर निगम की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। कांग्रेस ने कहा कि जनता के हित में अपनी ही परिषद की खामियों को सामने लाने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया जाना चाहिए।
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अब सवाल यह है कि जब देशभर में फायर सेफ्टी को लेकर लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है, तब इंदौर नगर निगम के मुख्यालय और जोन कार्यालयों में सुरक्षा इंतजामों की स्थिति क्या है। एमआईसी सदस्य के पत्र के बाद निगाहें अब निगम प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर फायर सेफ्टी को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं?