उमा रघुवंशी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
इंदौर

इंदौर हनीमून मर्डर केस में बड़ा मोड़! सोनम रघुवंशी की जमानत हाईकोर्ट ने रखी बरकरार; बिलख पड़ी राजा की मां

Uma Raghuvanshi Statement: इंदौर के राजा रघुवंशी हनीमून हत्याकांड में आरोपी सोनम की जमानत हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखने पर भड़का परिवार, मां उमा रघुवंशी ने न्याय प्रणाली पर उठाए सवाल।

सजल रघुवंशी

Raja Raghuvanshi Murder Case Update: इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद मृतक के परिजनों ने गहरी नाराजगी जताई है। बेटे की मौत के बाद इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे परिवार का कहना है कि अदालत के इस फैसले से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।

परिजनों के मुताबिक जिस महिला पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है, उसे राहत मिलना उनके लिए दूसरा बड़ा सदमा है। हालांकि मामले का अंतिम निर्णय अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत लंबित है और आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।

कानून से भरोसा डगमगाने लगा- राजा की मां

राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि कानून उनके बेटे को न्याय दिलाएगा, लेकिन अब उनका भरोसा कमजोर पड़ने लगा है। उनका कहना है कि इतने गंभीर आरोपों वाले मामले में आरोपी को जमानत मिलना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में आरोपियों को लगातार राहत मिलती रही तो इससे पीड़ित परिवारों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार अब भी अंतिम न्यायिक फैसले का इंतजार कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी।

गंभीर मामलों में राहत पर उठाए सवाल

परिजनों ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर आरोपों वाले मामलों में जमानत मिलने से समाज में गलत संदेश जा सकता है। उनका मानना है कि इससे अपराध करने वालों का मनोबल बढ़ सकता है, जबकि पीड़ित परिवार खुद को असहाय महसूस करते हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की सुनवाई जल्द पूरी हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उनका संघर्ष केवल अपने बेटे के लिए नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए भी है।

दूसरे चर्चित मामलों का भी किया जिक्र

उमा रघुवंशी ने अपनी प्रतिक्रिया के दौरान महाराष्ट्र के चर्चित सिया हत्याकांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने आशंका जताई कि यदि गंभीर मामलों में आरोपियों को इसी तरह राहत मिलती रही तो अन्य पीड़ित परिवारों को भी न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है।

https://youtu.be/oN8aeO-UxNM?si=IthlgMYSyDOXX59Q

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