Rural Property Free Registry Program: मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी को संपत्ति के अधिकार का दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इंदौर के गांधी नगर मैदान में गुरुवार को 50 लाख निजी ग्रामीण संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट का बटन दबाकर योजना की शुरुआत की।
कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश संगठन प्रभारी महेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के 23 हजार से अधिक गांवों में रहने वाले लोगों को इस योजना से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांवों में पीढ़ियों से लोग जिन मकानों में रह रहे हैं, उनकी कानूनी रजिस्ट्री नहीं होने से उनकी संपत्ति का मूल्यांकन नहीं हो पाता था। अब स्वामित्व अधिकार अभिलेख और पंजीयन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों और महिलाओं के हित में लगातार काम कर रही है। डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि संपत्ति का यह अधिकार ग्रामीण परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बनेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि स्वामित्व योजना केवल कागज का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के सम्मान और अधिकार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई योजना ने वर्षों से लंबित ग्रामीण संपत्ति अधिकार के मुद्दे को समाधान की दिशा दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
सरकार के अनुसार, स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण संपत्तियों के अधिकार अभिलेख तैयार करने के बाद पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभियान तीन चरणों में संचालित होगा और पात्र हितग्राहियों को निशुल्क पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण परिवारों पर पंजीयन का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और संपत्ति संबंधी विवादों में भी कमी आएगी।