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इंदौर में दिग्विजय सिंह की टिप्पणी चर्चा में, दुपट्टे पर लिखा था 'ओम नमः शिवाय'।
राजेश शर्मा के दुपट्टे को देखकर दिग्विजय सिंह ने पूछा—'कामरेड पार्टी का इससे क्या लेना-देना?'।
कम्युनिस्ट पार्टी के कार्ड होल्डर और IDA के पूर्व उपाध्यक्ष हैं राजेश शर्मा।
टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज।
Indore Residency Kothi : इंदौर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की एक टिप्पणी चर्चा में है। रेसिडेंसी कोठी पर उनसे मुलाकात करने पहुंचे कम्युनिस्ट पार्टी के कार्ड होल्डर और इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश शर्मा के पास ओम नमः शिवाय लिखा दुपट्टा था।
दुपट्टे पर धार्मिक संदेश देखकर दिग्विजय सिंह ने सवाल किया कि कामरेड पार्टी का इससे क्या लेना-देना है। मुलाकात के दौरान हुई इस टिप्पणी के बाद यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
जानकारी के मुताबिक राजेश शर्मा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मिलने रेजिडेंसी कोठी पहुंचे थे। इस दौरान उनके पास मौजूद दुपट्टे पर ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखा हुआ था। दिग्विजय सिंह की नजर जब दुपट्टे पर पड़ी, तो उन्होंने उस पर लिखे संदेश के बारे में पूछा। राजेश शर्मा ने बताया कि दुपट्टे पर ओम नमः शिवाय लिखा है। इस पर दिग्विजय सिंह ने सवाल किया कि कामरेड पार्टी का इससे क्या लेना-देना है।
राजेश शर्मा कम्युनिस्ट पार्टी के कार्ड होल्डर होने के साथ इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। ऐसे में उनके दुपट्टे पर धार्मिक संदेश और उस पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी को लेकर चर्चा शुरू हो गई। फिलहाल, इस बातचीत को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की जानकारी सामने नहीं आई है।
दिग्विजय सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब वे 20 अक्टूबर से उज्जैन में सत्य सनातन यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। इनपुट के मुताबिक, राम मंदिर में चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर निकाली जा रही इस यात्रा के लिए उन्हें अलग-अलग संतों की ओर से पत्र भी मिल रहे हैं। यात्रा की शुरुआत से पहले इंदौर में हुई यह बातचीत चर्चा का विषय बन गई है।
दिग्विजय सिंह इंदौर के डेली कॉलेज में इसी महीने के अंत में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। इनपुट के अनुसार, कॉलेज में अखिल भारतीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है। इस संबंध में वे कॉलेज से जुड़े सदस्यों से भी संपर्क कर रहे हैं।
रेजिडेंसी कोठी पर दुपट्टे को लेकर हुई बातचीत और दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित सत्य सनातन यात्रा के बीच इस घटनाक्रम पर राजनीतिक चर्चा हो रही है। हालांकि, मुलाकात के दौरान हुई टिप्पणी के अलावा किसी विस्तृत बयान या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मामले को लेकर आगे क्या प्रतिक्रियाएं आती हैं, इस पर नजर रहेगी।