देवास जहरीली शराब कांड में कांग्रेस नेता के बेटे अमन को पुलिस ने हिरासत में लिया।
जांच में अमन की कथित भूमिका केमिकल सप्लाई से जुड़ने का दावा, पुलिस की जांच जारी।
शराब से जुड़ी मौतों के मामले में पुलिस पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
कार्रवाई के दौरान करीब 54 लीटर देशी शराब और अन्य सामग्री जब्त की गई थी।
Poisonous Liquor Case Dewas: देवास के कथित जहरीली शराब कांड में अब नया मोड़ सामने आया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन को देवास पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच में केमिकल सप्लाई के मामले में उसकी भूमिका सामने आने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, इस मामले में उसकी कथित भूमिका को लेकर पुलिस जाँच कर रही है, वही इस मामले में अब बीजेपी ने सवाल खड़े किये है और जीतू पटवारी से पूछा है की वे कब इसे लेकर धरना देंगे
चंदाना क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़े मामले में पहले भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। 15 और 18 अक्टूबर को हुई मौतों के बाद अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई को लेकर जांच तेज हुई थी। पुलिस ने विनोद जायसवाल सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान करीब 54 लीटर देशी शराब और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 7.25 लाख रुपये बताई गई थी।
देवास में कथित जहरीली शराब कांड की जांच के बीच कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि मामले में केमिकल सप्लाई से जुड़ी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। अमन को हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस को घेरते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा है। हालांकि, अमन की भूमिका और शराब से हुई मौतों के बीच संबंध को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
देवास जिले में शराब से जुड़ी मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि लोगों की जान जाने की असल वजह क्या थी। शुरुआती दौर में प्रशासन की ओर से मौतों को जहरीली शराब से जोड़ने की पुष्टि नहीं की गई थी। अब अवैध शराब तैयार करने और केमिकल सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच सामने आने के बाद प्रशासनिक रुख को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अगर शराब बनाने में खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल हुआ था, तो इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी? क्या शराब की गुणवत्ता की जांच हुई थी? और क्या संबंधित एजेंसियों को अवैध कारोबार की भनक पहले से थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जांच के निष्कर्षों से मिलना जरूरी है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता के बेटे को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस घटनाक्रम पर जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जीतू पटवारी कांग्रेस नेता के घर भी धरना देने जाएंगे।