

Highlights:
देवास जहरीली शराब मामले में तीन आबकारी अधिकारी निलंबित।
आबकारी आयुक्त के आदेश में बसंती भूरिया पर निगरानी में लापरवाही का उल्लेख।
चंदाना-बिंजाना में दो व्यक्तियों की मौत की मर्ग जांच के दौरान अवैध शराब की बिक्री मिली।
अवैध शराब बिक्री के मामले में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज।
देवास कलेक्टर और एसपी का भी तबादला किया गया।
Dewas Toxic Liquor Case : देवास जिले में जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक और आबकारी विभाग में कार्रवाई की गई है। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश पवार और आबकारी उप निरीक्षक राजश्री खन्ना को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का भी तबादला किया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत देवास कलेक्टर ऋतुराज को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह सिवनी की पूर्व कलेक्टर नेहा मीना को देवास कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, देवास के एसपी पुनीत गहलोत को पुलिस मुख्यालय भोपाल में एआईजी के पद पर भेजा गया है। बालाघाट के पूर्व एसपी आदित्य मिश्रा को देवास का नया एसपी बनाया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश पवार और आबकारी उप निरीक्षक राजश्री खन्ना को निलंबित किया गया है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया अपने क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखने, पर्यवेक्षण करने तथा अधीनस्थ अमले की गतिविधियों की निगरानी करने में गंभीर लापरवाही और काम के प्रति शिथिलता बरतने की दोषी पाई गईं हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जिले में कथित जहरीली शराब के सेवन के बाद हुई मौतों का मामला जांच के दायरे में है।
देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में कथित जहरीली शराब के सेवन के बाद कई लोगों की मौत का मामला सामने आया था। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी। मौतों के वास्तविक कारणों और शराब की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। मामले में प्रशासन ने जांच समिति गठित की थी, जबकि पुलिस कथित अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आबकारी आयुक्त के आदेश में दो व्यक्तियों की मृत्यु से जुड़ी मर्ग जांच के दौरान अवैध शराब की बिक्री पाए जाने का उल्लेख है।