Sajjan Singh Verma On Datia By Election : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां लगातार बढ़ रही हैं। टिकट बंटवारे के बाद दोनों प्रमुख दलों में असंतोष की चर्चाओं के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है, जबकि असंतोष बीजेपी के भीतर है। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने, उनकी भावुकता और चुनावी भाषा की मर्यादा जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद नाराजगी की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में कहा कि पार्टी में किसी प्रकार का विरोध नहीं है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस में कहां विरोध हो रहा है? एक व्यक्ति (अवधेश नायक) टिकट मांगने वाला था, वह हमारा साथी है। उसे भी मना लिया गया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर उपचुनाव लड़ रहे हैं।
वर्मा ने आरोप लगाया कि वास्तविक असंतोष भारतीय जनता पार्टी में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दतिया हाईवे को 11 से 12 घंटे तक जाम किया था। उनके मुताबिक, यह घटना पूरे देश ने देखी और इससे साफ है कि बीजेपी के अंदर नाराजगी है। उन्होंने दावा किया कि यही असंतोष उपचुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाएगा और पार्टी की जीत का रास्ता खोलेगा।
नरोत्तम मिश्रा के मंच पर भावुक होने को लेकर पूछे गए सवाल पर वर्मा ने कहा कि किसी नेता का टिकट कटना उसके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ होता है। ऐसे में भावुक होना स्वाभाविक है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि उनके आंसुओं के सैलाब में बीजेपी दतिया में बह जाएगी।
ये भी पढ़ें : इंदौर: पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस की भोपाल तक युवा स्वाभिमान साइक्लोथॉन, यात्रा के बाद स्वच्छता पर उठे सवाल
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा नरोत्तम मिश्रा की तुलना रावण से किए जाने पर सज्जन सिंह वर्मा ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में सभी नेताओं को भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करती है, तो उसके नेताओं को भी मर्यादित और शालीन भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव मुद्दों और विकास के आधार पर लड़े जाने चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों और विवादित बयानों के जरिए।