Indore Kailash Vijayvargiya Letter: मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्र लिखे जाने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सूत्रों के अनुसार कैलाश ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि पिछले ढाई वर्षों से उन्हें केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने इंदौर से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों में देरी और सरकार के रवैये पर चिंता जताई है। हालाकि यह पत्र सामने नही आया है लेकिन इसमें लिखी गयी बातों की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मीडिया कॉर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने जारी बयान में कहा कि यदि इंदौर के विकास को लेकर उनकी ही कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री को पत्र लिखकर यह कहना पड़े कि पिछले ढाई वर्षों से उन्हें केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध मिला है, तो यह भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे इंदौर के साथ अन्याय का दस्तावेज बताया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान में देरी, मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंदौर की स्थिति, आरजीपीवी के विभाजन, पीथमपुर के औद्योगिक विकास, एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध कराने और जल संकट जैसे कई अहम मामलों में सरकार ने इंदौर की उपेक्षा की है। कांग्रेस का कहना है कि विकास के जिन दावों को भाजपा लगातार प्रचारित करती रही, उन्हीं मुद्दों पर अब उसकी सरकार के भीतर से सवाल उठ रहे हैं।
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नीलाभ शुक्ला ने कहा कि सरकार जब अपने ही वरिष्ठ मंत्री की बात पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, तो प्रदेश की आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।एमपी कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि एक वरिष्ठ मंत्री को अपनी बात सार्वजनिक रूप से पत्र लिखकर उठानी पड़ी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार में विकास से अधिक गुटबाजी और आपसी खींचतान हावी है, जिसका सीधा असर इंदौर सहित पूरे प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है।