मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुख्यालय पर सियासत तेज: सांसद के पत्र पर कांग्रेस का सवाल- अब तक कहां थे आप

Politics at Metropolitan: इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुख्यालय को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सांसद शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यालय इंदौर में स्थापित करने की मांग की है।
Letter written by Indore MP Shankar Lalwani to the Chief Minister demanding the UIMR headquarters in Indore, alongside Congress leaders raising questions over the timing of the move, sparking a political debate over the Indore-Ujjain Metropolitan Region headquarters.
सांसद के द्वारा लिखा गया पत्र और कांग्रेस की आपत्ति (फोटो सोर्स - नवभारत )
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Indore Congress Targets Lalwani: इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुख्यालय को लेकर सियासत तेज हो गई है। सांसद शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यालय इंदौर में स्थापित करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब यह प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी तो सांसद ने पहले आवाज क्यों नहीं उठाई। पत्र सामने आने के बाद मुख्यालय के मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

सांसद शंकर लालवानी ने सीएम को लिखा पत्र

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुख्यालय को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इंदौर लोकसभा सांसद शंकर लालवानी ने 18 जून 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रस्तावित इंदौर-उज्जैन महानगर क्षेत्र का मुख्यालय इंदौर में स्थापित किया जाए। अपने पत्र में सांसद ने तर्क दिया है कि प्रस्तावित महानगर क्षेत्र की लगभग 75 प्रतिशत आबादी और आर्थिक गतिविधियां इंदौर व उसके आसपास केंद्रित हैं। उन्होंने इंदौर को प्रदेश की आर्थिक राजधानी बताते हुए कहा कि प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधा की दृष्टि से मुख्यालय इंदौर में होना अधिक उपयुक्त रहेगा।

पत्र में बताए गए प्रमुख आधार

सांसद ने अपने पत्र में इंदौर को मुख्यालय बनाने के लिए सात प्रमुख कारण गिनाए हैं। इनमें जनसंख्या का केंद्र, आर्थिक गतिविधियों का केंद्र, विशेषज्ञों और हितधारकों की उपलब्धता, बेहतर परिवहन संपर्क, निवेश के अनुकूल वातावरण, सिंगल विंडो प्रशासनिक सुविधा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय महानगरों के मॉडल का हवाला शामिल है। पत्र में कहा गया है कि इंदौर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रेल और सड़क संपर्क की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे निवेशकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कार्य संचालन अधिक आसान होगा।

कांग्रेस ने सांसद की चुप्पी पर उठाए सवाल

सांसद के पत्र के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस सेवादल के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने प्रेस नोट जारी कर शंकर लालवानी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

खंडेलवाल ने पूछा है कि अगस्त 2024 से इस परियोजना पर चर्चा चल रही थी, लेकिन सांसद ने अप्रैल 2024 से जून 2026 तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक आपत्ति या पहल क्यों नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 जून 2026 को जब का गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया, तब दो दिन बाद 18 जून को पत्र लिखना केवल औपचारिकता प्रतीत होता है।

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कांग्रेस ने मांगा पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस ने सांसद से अगस्त 2024 से जून 2026 के बीच इस विषय पर किए गए सभी पत्राचार, बैठकों और आपत्तियों का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही सवाल किया है कि यदि इंदौर की पहचान और प्रशासनिक महत्व का मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था तो समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप क्यों नहीं किया गया।

इधर सांसद का पत्र सामने आने के बाद इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन मुख्यालय को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और अब नजर राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है।

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