Congress Issues Notice: इंदौर कांग्रेस में सोशल मीडिया पर की जा रही बयानबाजी और आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर संगठन के फैसलों के खिलाफ पोस्ट करने और बिना अनुमति जनमत बनाने का अभियान चलाने को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। मामले ने तूल तब पकड़ लिया जब नोटिस मिलने के बाद संबंधित कार्यकर्ता ने जवाब देते हुए खुद शहर कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
इंदौर कांग्रेस में सन्नी राजपाल और हिमांशु यादव नाम के कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओ ने एक अभियान शुरू किया था, ये दोनों संगठन के द्वारा नियुक्त व्यक्ति को लेकर 4 नम्बर विधानसभा में जनमत संग्रह कर रहे थे, इनके द्वारा नियुक्तियों को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट भी की जा रही थी, पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संगठन की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
नोटिस मिलने के बाद मामला शांत होने की बजाय और गरमा गया। सन्नी राजपाल ने अपने जवाब में शहर कांग्रेस अध्यक्ष पर ही सवाल खड़े करते हुए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को गलत बता दिया, सन्नी राजपाल की पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है ।
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि किसी भी कार्यकर्ता को संगठनात्मक मुद्दों को सार्वजनिक मंच या सोशल मीडिया पर उठाने के बजाय पार्टी फोरम पर रखना चाहिए। अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और संगठन विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि इंदौर शहर कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और असंतोष का संकेत भी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नोटिस के जवाब के बाद पार्टी नेतृत्व क्या रुख अपनाता है और इस विवाद का समाधान किस तरह किया जाता है।