ग्वालियर हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
ग्वालियर

MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, PG डिग्री होने पर भी नहीं मिलेगी मिडिल स्कूल में नौकरी; ग्रेजुएशन की शर्त अनिवार्य

Gwalior High Court News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि मिडिल स्कूल शिक्षक बनने के लिए स्नातक स्तर पर संबंधित विषय का होना अनिवार्य है।

सजल रघुवंशी

MP Teacher Recruitment High Court Judgment: मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अहम खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शिक्षक भर्ती मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि मिडिल स्कूल शिक्षक बनने के लिए संबंधित विषय में योग्यता अनिवार्य होगी।

कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थी के पास स्नातक स्तर पर उसी विषय की डिग्री होना जरूरी है, जिस विषय के लिए वह आवेदन कर रहा है। इसके बिना उम्मीदवार को नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। इसी मामले से जुड़ी एक याचिका को भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया।

केवल योग्यता के आधार पर नहीं मिलेगी नौकरी?

ग्वालियर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में शिक्षक भर्ती की पात्रता संबंधी नियमों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन स्तर पर संबंधित विषय नहीं है, तो केवल पोस्ट ग्रेजुएशन या उच्च योग्यता के आधार पर उसे नियुक्ति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने शिक्षा विभाग के नियमों को सर्वोपरि मानते हुए राज्य सरकार के पक्ष को सही ठहराया। यह मामला वर्ष 2018 की माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने की थी नियुक्ति निरस्त

यह पूरा कानूनी विवाद याचिकाकर्ता पवन कुमार मिश्रा की याचिका से शुरू हुआ। पवन कुमार ने वर्ष 2018 की माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया था और अंग्रेजी विषय के शिक्षक पद के लिए आवेदन किया था। हालांकि, चयन प्रक्रिया के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग ने उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी। विभाग का तर्क था कि पवन कुमार के पास स्नातक स्तर पर अंग्रेजी विषय नहीं था। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

पवन मिश्रा ने रखी यह दलील

याचिकाकर्ता पवन मिश्रा की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि उन्होंने अंग्रेजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और उनके पास संबंधित विषय की उच्च शैक्षणिक योग्यता मौजूद है, इसलिए उन्हें शिक्षक पद के लिए पात्र माना जाना चाहिए वहीं, सरकारी पक्ष ने इस तर्क का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि यह मांग वर्तमान भर्ती नियमों के विपरीत है। सरकार ने कहा कि विभाग निर्धारित नियमों से हटकर किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दे सकता।

हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष को ठहराया सही

ग्वालियर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने शिक्षक भर्ती मामले में सरकार के पक्ष को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियम नहीं बदले जा सकते और विज्ञापन की शर्तों का पालन अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री को ग्रेजुएशन के समकक्ष नहीं माना जा सकता। नियमों में ढील देने से अन्य योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।

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