LNIPE में के प्रशासनिक भवन में छात्रों ने जड़ा ताला फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
ग्वालियर

ग्वालियर : LNIPE में छात्रों का हंगामा, कुलगुरु समेत अधिकारियों को बनाया बंधक, पुलिस के दखल के बाद खोला गेट

Shruti Upadhyay Death Case : ग्वालियर के LNIPE में छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव कर कुलगुरु समेत अधिकारियों को करीब दो घंटे अंदर रोके रखा। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद गेट खोला गया।

निशांत तिवारी, प्रीतेश जैन

Gwalior LNIPE Student Protest : ग्वालियर के लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) में छात्रों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। अपनी मांगों को लेकर पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान के प्रशासनिक भवन का घेराव कर दिया।

छात्रों ने मुख्य गेट बंद कर दिया और अंदर मौजूद कुलगुरु प्रो. कल्पना शर्मा समेत अधिकारियों, कर्मचारियों और कुछ छात्रों को बाहर नहीं निकलने दिया। करीब दो घंटे तक चले गतिरोध के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद प्रशासनिक भवन का गेट खोला गया।

गेट बंद कर बाहर लेट गए प्रदर्शनकारी

बताया गया कि छात्रों को जानकारी मिली कि कुलगुरु प्रशासनिक भवन में मौजूद हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे और भवन का मुख्य गेट बंद कर दिया। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने से रोकने के लिए गेट पर कपड़ा भी बांध दिया गया। कुछ प्रदर्शनकारी रास्ते में लेट गए। इसके चलते करीब दो घंटे तक प्रशासनिक भवन के अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।

श्रुति की मौत के बाद 14 दिन से चल रहा धरना

LNIPE के गुवाहाटी परिसर में बीपीएड की छात्रा श्रुति उपाध्याय की सितंबर में बीमारी के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद छात्रों ने गुवाहाटी कैंपस की स्वास्थ्य सुविधाओं और इलाज को लेकर सवाल उठाए और जांच की मांग की। ग्वालियर कैंपस में छात्र श्रुति के मामले को लेकर रजिस्ट्रार को हटाने और उसके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने सहित कई मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। 17 सितंबर तक यह प्रदर्शन नौवें दिन में पहुंच चुका था और 22 सितंबर को आंदोलन के 14वें दिन चार छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू की।

चार छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल

प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल भी शुरू की है। पहले दिन चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे। छात्रों का कहना है कि कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन स्थल पर श्रुति की तस्वीर लगाई गई है, जहां छात्र रोज श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पहुंचे

कुलगुरु को प्रशासनिक भवन में रोके जाने की सूचना मिलते ही जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पहले कुलगुरु से बातचीत की। इसके बाद कुलगुरु की मौजूदगी में प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की गई। काफी समझाइश के बाद छात्र प्रशासनिक भवन का गेट खोलने के लिए तैयार हुए।

जांच दल आने का आश्वासन

छात्रों से बातचीत के दौरान कुलगुरु ने बताया कि जल्द ही दिल्ली से एक जांच दल आएगा, जो पूरे मामले की जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगा। LNIPE की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रो. कल्पना शर्मा को कुलगुरु के रूप में दर्ज किया गया है।

संबंधित शिक्षक को किया निलंबित

LNIPE प्रशासन की ओर से पहले यह भी बताया गया है कि गुवाहाटी मामले में संबंधित शिक्षक को निलंबित किया गया, डॉक्टर और नर्स को हटाया गया तथा निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित की गई है। संस्थान ने यह भी कहा था कि परिवार को संस्थान की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता दी गई है और प्रस्तुत किए जाने वाले चिकित्सा खर्च का भुगतान किया जाएगा।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा है कि यदि जांच दल के आने के बाद भी उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भूख हड़ताल जारी रहेगी। छात्रों ने संस्थान का कामकाज बंद कराने की चेतावनी भी दी है। फिलहाल प्रशासनिक भवन का गतिरोध समाप्त हो गया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है।

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