Gwalior Online Betting Network : ग्वालियर में साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, विंडसर हिल्स स्थित किराए के डुप्लेक्स से ‘100पैनल’ नाम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चलाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यहां बाकायदा ऑफिस बनाकर लैपटॉप, मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम विंग की टीम ने विंडसर हिल्स के डुप्लेक्स में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, मौके पर सोहित करेर, दिनेश रायकवार, शांतनु श्रीवास, सुमित कुशवाह और दीपक आर्य मौजूद मिले। पांचों आरोपी एक सुसज्जित ऑफिस से ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड से जुड़ा काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप और 6 पासबुक जब्त की हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को कई संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिली है। पुलिस अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
ग्वालियर पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था। इस हिसाब से सालाना लेनदेन करीब 100 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वास्तविक रकम और पूरे नेटवर्क की जानकारी विस्तृत बैंकिंग जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को विदेशी कनेक्शन से जुड़ी जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क के तार दुबई और श्रीलंका से जुड़े होने की बात सामने आई है और आरोपी व्हाट्सऐप के जरिए कथित विदेशी संपर्कों के संपर्क में थे। साइबर क्राइम विंग इस एंगल की भी जांच कर रही है। साथ ही डुप्लेक्स मालिक की भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम या बैंकिंग दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। साइबर अपराध या सट्टेबाजी के लेनदेन में ऐसे खातों का इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल और लैपटॉप की डिजिटल जांच के जरिए नेटवर्क के पूरे ऑपरेशन का पता लगाने में जुटी है।
विंडसर हिल्स के डुप्लेक्स में ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क चलाए जाने की तस्वीरें और तरीका सामने आने के बाद इसकी तुलना फिल्म ‘जन्नत’ के सट्टेबाजी नेटवर्क से की जा रही है। हालांकि वास्तविक मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और नेटवर्क की पूरी संरचना, वित्तीय लेनदेन और विदेशी कनेक्शन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।