ग्वालियर में तंजानिया की छात्रा से वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर 45 हजार की ठगी।
रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस के नाम पर 13 बार में ट्रांसफर कराए रुपए।
15 और 16 अक्टूबर को पेटीएम यूपीआई के जरिए हुआ पूरा लेनदेन।
रुपए वापस मांगने पर ठगों ने छात्रा को किया ब्लॉक, हेल्पलाइन 1930 पर की शिकायत।
Tanzanian Student Cheated By Cyber Fraud Gwalior: ग्वालियर में पढ़ाई कर रही तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा से ठगों ने वर्क फ्रॉम होम पार्ट-टाइम जॉब का झांसा देकर लगभग 45 हजार रुपए ठग लिए। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस सहित अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर 15 और 16 अक्टूबर को यूपीआई के जरिए 13 बार में रुपए ट्रांसफर कराए।
जब न नौकरी मिली और न रुपए वापस आए, तो छात्रा को ठगी का अहसास हुआ। रुपए वापस मांगने पर आरोपियों ने उसे ब्लॉक कर दिया। शिकायत के बाद सिरोल थाना पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, तंजानिया की रहने वाली हेरियथ जस्टीना ग्वालियर शहर के एक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई कर रही है। वह सिरोल थाना क्षेत्र की एमके सिटी टाउनशिप में अपने भाई के साथ रहती है। पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए वह इंटरनेट पर वर्क फ्रॉम होम जॉब तलाश रही थी। इसी दौरान 15 अक्टूबर को उसे पार्ट-टाइम जॉब का मैसेज मिला। इसमें घर बैठे काम करने और अच्छा मुनाफा कमाने का ऑफर दिया गया था। छात्रा ने इसे असली जॉब ऑफर समझकर स्वीकार कर लिया।
जॉब की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर ठगों ने छात्रा से रुपए मांगने शुरू कर दिए। कभी फाइल चार्ज, कभी वेरिफिकेशन फीस तो कभी अन्य प्रक्रिया का हवाला देकर भुगतान करने को कहा गया। आरोपियों के झांसे में आकर छात्रा ने 15 और 16 अक्टूबर 2026 के बीच पेटीएम यूपीआई से कुल 13 ट्रांजैक्शन में 45 हजार रुपए भेज दिए।
रकम ट्रांसफर करने के बाद भी छात्रा को न नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस किए गए। इसके उलट, उससे और रुपए मांगे जाने लगे। संदेह होने पर उसने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपियों ने उसे ब्लॉक कर दिया। इसके बाद छात्रा ने साइबर सेल की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिरोल थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत ई-जीरो FIR दर्ज की है। पुलिस छात्रा के पेटीएम ट्रांजैक्शन और चैट हिस्ट्री की जांच कर रही है। साथ ही जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनके खाताधारकों और आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।