Gwalior Looteri Dulhan Case: ग्वालियर में सामने आए लुटेरी दुल्हन मामले ने पुलिस जांच में बड़ा खुलासा किया है। यह पूरा मामला एक सुनियोजित शादी ठगी और ब्लैकमेलिंग की साजिश से जुड़ा हुआ है, जिसमें जबलपुर के एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर कार्यरत रतन शर्मा को निशाना बनाया गया था। शादी के कुछ ही दिनों बाद इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि रतन शर्मा की शादी राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल से कराई गई थी। शादी के महज तीन दिन बाद दुल्हन के मोबाइल की व्हाट्सऐप चैट ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी। चैट में पता चला कि जिस युवक ने भाई बनकर कन्यादान किया था, वह असल में उसका पति अजय चौहान है।
जांच में यह भी सामने आया कि अजय चौहान और राधा ने वर्ष 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था, जो अजय की दूसरी शादी थी। उसकी पहली पत्नी अनीता से पहले से ही विवाद चल रहा था। जब पहली पत्नी को दूसरी शादी की जानकारी मिली और उसने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो अजय ने पूरे परिवार के साथ मिलकर यह साजिश रची।
योजना के तहत राधा की शादी रतन शर्मा से कराई गई, ताकि बाद में दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का झूठा केस दर्ज कर समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूली जा सके। शादी के दौरान भी रतन से ब्यूटी पार्लर और गिफ्ट के नाम पर 50 हजार रुपये लिए गए, जबकि विवाह में लगभग 6 लाख रुपये खर्च कराए गए।
शादी के बाद रतन को पत्नी के व्यवहार पर शक हुआ और उसके मोबाइल की वॉट्सएप चैट से पूरा सच सामने आ गया। इसके बाद उसने तीन दिनों तक सबूत जुटाकर पुलिस को सूचना दी। ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय चौहान और राधा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि परिवार के पांच अन्य सदस्य फरार बताए जा रहे हैं।
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लुटेरी दुल्हन मामले में पुलिस के अनुसार अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन लोगों ने किसी और को तो इस तरह के जाल में फंसाकर नहीं ठगा है? मामले में झांसी रोड थाना पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी जा रही है।