Grave Desecration Case Gwalior: ग्वालियर के भितरवार के करहिया थाना क्षेत्र के चैतगांव स्थित मुंशी का पुरा में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां जमीन विवाद के चलते तीन माह की मासूम बच्ची के शव को कब्र से निकालकर परिजनों के घर के दरवाजे पर फेंकने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद बंजारा समाज के परिवार में आक्रोश फैल गया और परिजनों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
जानकारी के मुताबिक, बीरबल बंजारा की तीन माह की बेटी की रविवार को मौत हो गई थी। परिवार ने बच्ची के शव को भीमवाड़ा नदी के किनारे दफना दिया था। आरोप है कि इसी जमीन को लेकर गुर्जर समाज के पप्पू गुर्जर, राजेंद्र और रामनिवास ने आपत्ति जताई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बच्ची की कब्र खोद दी और शव को निकालकर बंजारा परिवार के घर के दरवाजे पर फेंक दिया।
मासूम के शव को इस हालत में देखकर परिवार के लोग सदमे में आ गए। इसके बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण सड़क पर पहुंच गए और शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने की भी जानकारी सामने आई है।
सूचना मिलते ही करहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों को समझाइश देकर सड़क से जाम खुलवाया। इसके बाद ग्वालियर पुलिस की मौजूदगी में मासूम के शव को दूसरी जगह दफन कराया गया।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई है। जमीन और कब्रिस्तान को लेकर हुए विवाद की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीन माह की मासूम के शव को कब्र से निकालकर घर के दरवाजे पर फेंकने के आरोप ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। पुलिस विवाद के पीछे जमीन से जुड़े वास्तविक कारणों और आरोपों की जांच में जुटी है।