Dindori Patwari Indefinite Strike: मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर के पटवारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। पटवारियों के हड़ताल पर जाने से राजस्व से जुड़े कामों पर असर पड़ने लगा है।
कलेक्ट्रेट और तहसील कार्यालय पहुंच रहे किसानों एवं आम लोगों को जमीन से संबंधित दस्तावेज और अन्य राजस्व कार्यों को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पटवारियों का आरोप है कि प्रदेश के कई जिलों में ई-अटेंडेंस लागू नहीं है, इसके बावजूद डिंडोरी जिले में ई-अटेंडेंस लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है। पटवारियों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।पटवारियों ने तहसील स्तर पर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि महिला पटवारियों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिसे वे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के डिंडोरी जिला अध्यक्ष सोहन साहू ने बताया कि पटवारियों ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि राजस्व कार्य सहित अन्य विभागीय कार्यों में डिंडोरी जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और कई मामलों में जिला पहले से पांचवें स्थान तक रहा है। इसके बावजूद पटवारियों पर कार्रवाई और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया जा रहा है। सोहन साहू के मुताबिक, मांगों का निराकरण नहीं होने के कारण जिले के सभी पटवारियों ने अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल की फिलहाल कोई समय-सीमा तय नहीं है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पटवारी बलिराम भवेदी ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा दुर्भावना के चलते पटवारियों के खिलाफ झूठी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पटवारी दबाव में आने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब जमीन से जुड़े कामों पर दिखाई देने लगा है। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंच रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों और आम नागरिकों को जमीनी एवं कागजी दस्तावेजों से जुड़े कामों के लिए भटकना पड़ रहा है। पटवारियों ने साफ किया है कि यदि उनकी 16 सूत्रीय मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। वहीं, राजस्व कार्य प्रभावित होने से जिला प्रशासन के सामने भी कामकाज सुचारु रखने की चुनौती बढ़ गई है।