Dindori Narmada River Flood : डिंडोरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने से जिले के कई नर्मदा घाट जलमग्न हो गए हैं। नदी किनारे बने मंदिरों तक पानी पहुंच गया है, जबकि कई घाटों की सीढ़ियां भी पूरी तरह डूब गई हैं। लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही आज स्कूल और आंगनबाड़ी बंद कर दिए गए हैं।
नर्मदा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच एक अद्भुत दृश्य भी देखने को मिला। नदी का पानी शिवलिंग तक पहुंच गया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव का जलाभिषेक कर रही हों। इस दृश्य के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही हैं और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण डिंडोरी क्षेत्र में नर्मदा के अधिकांश घाटों पर पानी भर गया है। नदी किनारे स्थित कई मंदिरों और घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं। नर्मदा के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिससे निचले इलाकों और नदी किनारे के क्षेत्रों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जोगीटिकरिया स्थित नर्मदा नदी पुल और डिंडोरी स्थित पुल नर्मदा डेम घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के जलस्तर, पुल और घाटों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरत पड़ने पर लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही सावधानीपूर्वक आवागमन करें और नदी, नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
डिंडोरी में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर 20 अगस्त 2026 को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका घर-घर जाकर टीएचआर वितरित करेंगी और गंभीर कुपोषित बच्चों का फॉलोअप करेंगी। स्कूलों में अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा, जबकि शिक्षक और अन्य कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि सभी जिलेवासी सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है और लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है।