मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
धार

बलराम कृषि महोत्सव 2026: धार में जुटे हजारों किसान, CM मोहन यादव ने आत्मनिर्भर खेती का दिखाया नया रास्ता

CM Mohan Yadav In Dhar: धार के 'बलराम कृषि महोत्सव' में गरजे सीएम डॉ. मोहन यादव, किसानों को दिए आय बढ़ाने के तीन मंत्र, आगामी मानसून सत्र में UCC लाने का किया बड़ा ऐलान।

सजल रघुवंशी

Balram Krishi Mahotsav 2026: कृषक कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत धार जिले में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि के प्रति नई दिशा दिखाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मध्यप्रदेश को एक विकसित राज्य बनाना है, तो उसकी नींव एक समृद्ध और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था ही होगी।

महोत्सव के दौरान किसानों को 'प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना' के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस योजना के तहत सोलर पंप स्थापित कर किसान बिजली की लागत से मुक्त हो सकते हैं और अपनी आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित कर सकते हैं।

कृषि आय बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पारंपरिक खेती से काम नहीं चलेगा। उन्होंने किसानों को तीन प्रमुख मंत्र दिए:

  • उन्नत तकनीक: वैज्ञानिक और आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करें।
  • प्राकृतिक खेती: रसायनों के उपयोग को कम कर प्राकृतिक खेती को अपनाएं, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बचाती है।
  • मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन): किसान अपनी उपज को सीधे बेचने के बजाय उसे प्रोसेस कर (जैसे दाल मिल, आटा चक्की आदि) बाजार में बेचें, जिससे उनकी आय में सीधे वृद्धि होगी।

महोत्सव की अन्य प्रमुख झलकियां

  • ज्ञान का संगम: कृषि विभाग, पशुपालन, मत्स्य विभाग और इफको-कृभको जैसी संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर किसानों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी।
  • नशा मुक्ति का संदेश: किसानों के स्वास्थ्य और परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूक किया गया।
  • बड़ी संख्या में भागीदारी: धार जिले से करीब दो हजार से अधिक किसान इस महोत्सव में शामिल हुए।

समान नागरिक संहिता पर कही बड़ी बात

कृषि के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए व्यापक जनसंवाद किया जा चुका है। धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद, आगामी विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में इस दिशा में विधायी प्रक्रिया पूरी कर एक बड़ा कदम उठाया जाएगा।

https://youtu.be/QNzKItJ_ZKk?si=G9Wh0maO1GK1U9HT

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा

इत्र कारोबारियों की चमकी किस्मत! रेलवे ने हटाया सालों पुराना बैन, अब देशभर में महकेगी खुशबू

बाबा नीम करौली के आश्रम व संपत्ति पर छिड़ा विवाद, नातिनें पहुंचीं कलेक्ट्रेट; राजस्व अभिलेखों की जांच की मांग

खुद ही पागल हैं हिमंता बिस्वा सरमा... राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद का पलटवार