दतिया का 250 साल पुराना विजय गणेश मंदिर (सोर्स- सोशल मीडिया)
दतिया

बावड़ी के जल में विराजमान विजय गणेश; जानिए दतिया के 250 साल पुराने मंदिर का अनोखा इतिहास

Ganesh Chaturthi Special: दतिया के ठंडी सड़क स्थित 250 साल पुराने विजय गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, राजा इंद्रजीत सिंह जूदेव द्वारा स्थापित यह प्रतिमा एक प्राचीन बावड़ी में विराजमान है।

निशांत तिवारी, सजल रघुवंशी

Vijay Ganesh Temple Datia: गणेश चतुर्थी के मौके पर आज देशभर में भगवान गणेश की आराधना हो रही है, जगह-जगह गणपति बप्पा की स्थापना की गई है लेकिन मध्यप्रदेश के दतिया में भगवान गणेश का एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां आस्था के साथ-साथ इतिहास भी जुड़ा हुआ है।

दतिया की ठंडी सड़क पर स्थित हैं विजय गणेश, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से बड़े गणेश और बावड़ी वाले गणेश के नाम से भी जानते हैं।

इंद्रजीत सिंह जूदेव द्वारा की गई थी मंदिर की स्थापना

कहा जाता है कि करीब ढाई सौ साल पुराने इस मंदिर का निर्माण और गणेश प्रतिमा की स्थापना दतिया के पांचवें राजा इंद्रजीत सिंह जूदेव के द्वारा कराई गई थी। राजा-महाराजाओं के दौर की इस भूमि पर आज भी गणेश जी उसी स्थान पर विराजमान हैं और पीढ़ियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। लेकिन इस मंदिर की सबसे खास बात सिर्फ इसकी प्राचीनता नहीं है बल्कि यहां गणेश जी का विराजमान होना भी अपने आप में अनोखा है।

एक प्राचीन बावड़ी में विराजमान है भगवान गणेश

भगवान गणेश एक प्राचीन बावड़ी में विराजमान हैं। स्थानीय मान्यता है कि बावड़ी का पानी भगवान गणेश के चरणों को स्पर्श करता है। आज भी बावड़ी में पानी मौजूद है और श्रद्धालु इसी पानी के बीच से होकर गणेश जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यही वजह है कि दतिया के विजय गणेश को बावड़ी वाले गणेश के नाम से भी जाना जाता है।

गणेश चतुर्थी में सुबह से ही रहती है श्रद्धालुओं की भीड़

गणेश चतुर्थी के दिन यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। कोई भगवान गणेश के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करता है, तो कोई अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करता है।

हर बुधवार भारी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु

सिर्फ गणेश चतुर्थी ही नहीं हर बुधवार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर बड़े गणेश के दरबार में आते हैं और भगवान के सामने अपनी प्रार्थना रखते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि बड़े गणेश के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है। यही विश्वास दतिया जिला ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों को यहां खींच लाता है।

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में 105 बार चोरी हुई, CCTV से खुला राज; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करेगी SIT

जमुई छात्रा से छेड़खानी! वायरल VIDEO के बाद महिला आयोग सख्त; SP को दिए गिरफ्तारी के निर्देश

भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड समझौते को हरी झंडी, दशहरा पर 20 अक्टूबर से होगा लागू; पीयूष गोयल ने की घोषणा

Asian Games में इतिहास रचने वाली सुचिका को राष्ट्रपति मुर्मू समेत कई नेताओं ने दी बधाई, जज्बे को किया सलाम

जनरल धीरज सेठ का रूस दौरा खत्म, नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर से आर्टिलरी अकादमी तक, जानें दौरे की खास बातें