Sindh River Water Level Rise: दतिया में सिंध नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों की टीम ने गोराघाट क्षेत्र के ग्राम कोटरा पहुंचकर नदी की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदी किनारे नहीं जाने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है।
सिंध नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को राजस्व अधिकारियों की टीम गोराघाट क्षेत्र के ग्राम कोटरा पहुंची और मौके पर नदी की स्थिति का निरीक्षण किया।
तहसीलदार गोराघाट जगदीश घनघोरिया, तहसीलदार बड़ौनी संजीव तिवारी, पटवारी धर्मेंद्र रावत और पंचायत सचिव विश्वामित्र शर्मा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से भी चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की समझाइश दी।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह सिंध नदी के किनारे जाने से बचें। जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए किसी भी तरह का खतरा मोल न लें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से यह भी कहा है कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है या कोई आपात स्थिति सामने आती है, तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
शनिवार के लिए श्योपुर जिले और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, सागर, गुना, राजगढ़, शाजापुर और मंदसौर समेत 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अब तक मध्य प्रदेश में 762.7 मिमी यानी करीब 30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह सामान्य औसत 816 मिमी से करीब 7 प्रतिशत कम है, लेकिन पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति बेहतर हुई है।