Datia Mama Bhanji Dispute: मध्य प्रदेश के दतिया जिले से मामा और भांजी के बीच का एक बेहद संवेदनशील पारिवारिक विवाद अब पूरी तरह से सार्वजनिक हो चुका है। अपनी ही सगी भांजी द्वारा लगाए गए गंभीर और संगीन आरोपों के बाद मामा अतुल दीक्षित ने मीडिया के सामने आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार, झूठा और मनगढ़ंत बताया है। इस दौरान अतुल दीक्षित काफी भावुक नजर आए और उन्होंने दावा किया कि भांजी के माता-पिता के असमय निधन के बाद उन्होंने एक अभिभावक का फर्ज निभाया था।
मामा अतुल दीक्षित ने कहा कि उन्होंने भांजी को अपने ही घर में रखा, बेटी की तरह उसकी परवरिश की। अच्छी शिईक्षा दिलाई और उसे पैरों पर खड़ा कर आत्मनिर्भर बनाया। लेकिन आज वही भांजी दूसरों के बहकावे में आकर उन पर झूठे आरोप मढ़ रही है। उन्होंने भांजी के आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया।
दतिया में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अतुल दीक्षित ने पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी सामने रखते हुए अपनी जान का खतरा बताया और इस पूरी साजिश के पीछे भांजी के जीजा मुन्नू गुबरेले का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया। अतुल दीक्षित का कहना है कि उनकी भांजी वर्तमान में अपने जीजा मुन्नू गुबरेले के प्रभाव में आ चुकी है और उन्हीं के इशारे पर यह सब कर रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुन्नू गुबरेले कथित रूप से कई तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं और उन्हीं की शह पर भांजी ने पुलिस में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई है। इस विवाद के सार्वजनिक होने और पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद अब दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अतुल दीक्षित ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भांजी द्वारा की गई शिकायत के बाद उन्होंने भी बिना देर किए पुलिस प्रशासन को एक लिखित आवेदन सौंपकर अपना पक्ष मजबूती से रख दिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुले तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि मुन्नू गुबरेले की वजह से उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ है। यदि भविष्य में उन्हें या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कोई भी शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुंचता है, तो इसकी पूरी और सीधी जिम्मेदारी मुन्नू गुबरेले की ही होगी।
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इसके साथ ही अतुल दीक्षित ने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से इस पूरे पारिवारिक और आपराधिक घटनाक्रम की पूरी निष्पक्षता के साथ उच्च स्तरीय जांच करने की अपील की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और उनके परिवार को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।