डैमेज कंट्रोल मोड पर भाजपा (सोर्स- डिजाइन इमेज) 
दतिया

दतिया उपचुनाव: एमपी BJP में ऑल इज वेल या दिखावा? संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव शिवप्रकाश के पोस्ट ने मचाई हलचल

BJP Damage Control Mode: दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा के आंसुओं के बाद 'डैमेज कंट्रोल मोड' में बीजेपी, राष्ट्रीय महासचिव शिवप्रकाश के पोस्ट से मची हलचल, 30 जुलाई को मतदान।

सजल रघुवंशी

Datia By Election Current Condition Of BJP: क्या मध्य प्रदेश भाजपा में सब सही है? इस समय मीडिया से लेकर गली-नुक्कड़ तक यह सवाल तेजी से गुंज रहा है। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद तो मानों पार्टी की हालत यह है कि सभी बड़े नेता एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी में ऐसा तब होता है जब सब कुछ ठीक नहीं चल रहा होता है।

पिछले दिनों नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने जमकर बवाल काटा, चक्का जाम लगाया, उग्र प्रदर्शन किया। जिसके बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव काफी ज्यादा दिलचस्प बन गया। हालांकि जब नोरत्तम मिश्रा मीडिया के सामने आए तब उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने पार्टी के फैसले को स्वीकार भी किया और आज वह आशुतोष तिवारी का नामांकन पत्र भी दाखिल करवाने के लिए पहुंचे। गौरतलब है कि, जब आशुतोष तिवारी के समर्थन के लिए जनसभा चल रही थी तब वह भावुक हो पड़े।

शिवप्रकाश के पोस्ट ने खड़े किए सवाल

गौरतलब है कि, दतिया में इतना सब कुछ हो जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव शिवप्रकाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया। पोस्ट में उन्होंने आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिल करने वाली वह तस्वीर भी साझा की जिसमें नरोत्तम मिश्रा भी दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा कि दतिया विधानसभा के उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में पार्टी ने जिस एकजुटता का परिचय दिया इसका अर्थ है भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित है। हालांकि इस पोस्ट के बाद यह तो साबित हो गया कि पार्टी एकजुटता दिखाने में लग गई है, साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया कि अब भाजपा डैमेज कंट्रोल मोड पर चली गई है।

क्या डैमेज कंट्रोल कर पाएगी भाजपा?

गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी नेता का टिकट कटा हो और उसके समर्थकों ने उग्र प्रदर्शन किया हो। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने त्याग पत्र भी सौंपे हालांकि उन इस्तीफों को संगठन ने स्वीकार नहीं किया। अब रही बात डैमेज कंट्रोल की तो नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को मैनेज करना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा क्योंकि उन समर्थकों को नरोत्तम मिश्रा के वो आंसू याद आएंगे जो सार्वजनिक मंच पर छलके थे। सोचिए वह कार्यकर्ता कैसे भाजपा के लिए वोट मांगेंगे, जिनके नेता को पार्टी ने अभिमन्यु बना दिया। इसके अलावा अगर डैमेज कंट्रोल हो भी जाता है तो दतिया क्षेत्र में भाजपा उतनी मजबूती से दोबारा नहीं खड़ी हो पाएगी जितनी मजबूती से पहले खड़ी थी।

बता दें कि, दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग होगी। जिसका नतीजा 3 अगस्त को आएगा, ऐसे में दतिया में राजनीतिक हलचल तेज है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भारतीय जनता पार्टी उपचुनाव में कैसा प्रदर्शन करती है।

https://youtu.be/xBFs2xLyQ7k?si=iPNAQAX_XKo_fjV7

पुण्यतिथि विशेष: कभी नहीं जीते आम चुनाव, फिर भी वाजपेयी-मोदी सरकार में बने मंत्री! अरुण जेटली की अनोखी कहानी

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश? ISBT के पास IED और हथियार बरामद, पुलिस ने 3 को पकड़ा

काशी पहुंचे जापान के गवर्नर कोटारो नागासाकी, बोले- ग्रीन हाइड्रोजन से नई ऊंचाई छुएंगे भारत-जापान संबंध

न पीने की पानी... न बैठने की जगह, 89% स्टेशनों का बुरा हाल; CAG रिपोर्ट ने खोली रेलवे के दावों की पोल

भ्रम न फैलाएं...राष्ट्रगान विवाद पर सतीश महाना की सफाई, अनादर के आरोपों को बताया बेबुनियाद