Datia BJP District President: दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद जिले की राजनीति में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा और भीम आर्मी दोनों ही अपने-अपने संगठन के भीतर चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ भीतरघात और अनुशासनहीनता के मामलों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में इसे आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और संगठन विस्तार की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सभी दल अब अपनी संगठनात्मक कमजोरियों को दूर कर भविष्य की चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुट गए हैं।
उपचुनाव के बाद सबसे पहले भीम आर्मी ने संगठन के भीतरघात के आरोपों पर कार्रवाई करते हुए कई पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए। इसके बाद भाजपा ने पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश भाजपा नेतृत्व आज दतिया के नए जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकता है। यह नियुक्ति आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया और हाल ही में दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। दोनों नेताओं का संगठन में अनुभव, कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ और क्षेत्रीय प्रभाव मजबूत माना जाता है। अंतिम फैसला प्रदेश नेतृत्व द्वारा संगठन की जरूरतों और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
दूसरी ओर, भीम आर्मी भी जिले में अपनी नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि संगठन नई टीम के जरिए आगामी राजनीतिक गतिविधियों को गति देने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में भाजपा और भीम आर्मी दोनों की नई संगठनात्मक टीमों की घोषणा पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है।
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राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उपचुनाव के बाद शुरू हुई यह संगठनात्मक कवायद आने वाले समय में दतिया की राजनीति के नए समीकरण तय कर सकती है। भाजपा जिलाध्यक्ष की घोषणा और भीम आर्मी की नई कार्यकारिणी जिले के राजनीतिक माहौल को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।