Damodar Singh Yadav Statement : आजाद समाज पार्टी के कोर कमेटी सदस्य दामोदर सिंह यादव एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। दतिया स्थित अपने निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने करणी सेना के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उसे ‘चटनी सेना’ कहा। वहीं राजपूत समाज को लेकर भी उन्होंने ‘कपूत’ शब्द का प्रयोग किया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रेस वार्ता के दौरान दामोदर सिंह यादव ने ग्वालियर खंडपीठ परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से प्रतिमा अनावरण की प्रतीक्षा में है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
दामोदर यादव ने ग्वालियर जिला प्रशासन को 15 तारीख तक प्रतिमा का अनावरण कराने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रतिमा का अनावरण नहीं किया गया तो आजाद समाज पार्टी आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित कराने और उसके अनावरण के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगी।
दामोदर यादव ने मध्य प्रदेश में लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जल्द छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की। उनका कहना था कि छात्र संघ चुनाव से युवाओं को छात्र जीवन से ही राजनीतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बिहार के क्रांतिकारी नेता स्वर्गीय जगदेव सिंह बाबू कुशवाहा की कथित हत्या को लेकर शहादत दिवस मनाने की भी बात कही। दामोदर यादव ने इसके लिए हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बिहार जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
मीडिया के सवालों के जवाब में दामोदर यादव ने कथित धमकियों का जिक्र करते हुए कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी संविधानवादी विचारधारा में विश्वास रखती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर आंदोलन का जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने करणी सेना के लिए ‘चटनी सेना’ और राजपूत समाज को लेकर ‘कपूत’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
दामोदर यादव के इन बयानों के बाद अब करणी सेना और राजपूत समाज की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। उनके बयान से सामाजिक और राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल यह देखना होगा कि उनके बयान पर संबंधित संगठनों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।